Delhi CJP 2.0 Protest: कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के ‘जंतर-मंतर 2.0’ विरोध प्रदर्शन के मद्देनजर दिल्ली पुलिस ने देश की राजधानी में सुरक्षा के अभूतपूर्व इंतजाम किए हैं। मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर बुलाए गए इस प्रदर्शन के चलते नई दिल्ली के संवेदनशील इलाकों को पूरी तरह से छावनी में तब्दील कर दिया गया है।
कानून-व्यवस्था बनाए रखने और किसी भी प्रकार के टकराव को रोकने के लिए दिल्ली पुलिस ने अपनी विशेष महिला विंग ‘पिंक फोर्स’ को मोर्चे पर तैनात किया है। इसके साथ ही, सुरक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता सुनिश्चित करने और सुरक्षाकर्मियों पर लगने वाले आरोपों से बचने के लिए पुलिस जवानों को आधुनिक बॉडी कैमरों से लैस किया गया है।
Delhi CJP 2.0 Protest: ‘पिंक फोर्स’ की तैनाती
जंतर-मंतर और लुटियंस दिल्ली के प्रमुख चौराहों पर Delhi Police की ऑल-वुमेन पिंक फोर्स को खासतौर से तैनात किया गया है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, हाल ही में हुए बड़े प्रदर्शनों के दौरान महिला पुलिस कर्मियों के साथ कथित रूप से दुर्व्यवहार की घटनाएं सामने आई थीं। इस बार पुलिस प्रशासन ने कानून-व्यवस्था से निपटने और महिला प्रदर्शनकारियों को नियंत्रित करने के लिए पिंक फोर्स को आगे रखा है।
मोर्चे पर तैनात पुलिसकर्मी हाई-टेक बॉडी कैमरों से लैस हैं, जो अंधेरे में भी रिकॉर्डिंग करने में सक्षम हैं। ऑन-ड्यूटी पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, यह कदम जवानों और आम जनता दोनों की सुरक्षा के लिए उठाया गया है, ताकि हाथापाई या दुर्व्यवहार की स्थिति में कोई भी झूठे आरोप न लगा सके और पूरी सच्चाई कैमरे में रिकॉर्ड हो सके। (Delhi CJP 2.0 Protest)
सुरक्षा के कड़े इंतजाम: अभूतपूर्व किलेबंदी
CJP के ‘जंतर-मंतर 2.0’ को लेकर दिल्ली पुलिस ने 8 से 12 अक्टूबर तक के लिए सख्त सुरक्षा रणनीति तैयार की है। पूरे नई दिल्ली क्षेत्र को सील करने जैसी पाबंदियां लागू की गई हैं। शहर की सुरक्षा के लिए 43,000 से अधिक पुलिस और अर्धसैनिक बलों (CAPF) के जवानों को तैनात किया गया है, जिसमें करीब 221 CAPF कंपनियां शामिल हैं। गृह मंत्रालय ने दिल्ली पुलिस को अतिरिक्त 110 CAPF कंपनियां दी हैं। इनमें 85 CRPF, 10 SSB, 7 RAF, 7 ITBP और 1 CISF कंपनी शामिल है। दिल्ली पुलिस के करीब 20 हजार पुलिसकर्मी भी प्रदर्शन के दौरान तैनात रहेंगे। दूसरे राज्यों से भी कंपनियां बुलाई गई हैं।
जंतर-मंतर और संसद मार्ग की ओर जाने वाले रास्तों पर कई लेयर की बैरिकेडिंग की गई है। प्रदर्शनकारियों द्वारा बैरिकेड गिराने की कोशिशों को नाकाम करने के लिए इस बार बैरिकेड्स को लोहे की जंजीरों से बांधा गया है। पुलिस ने लुटियंस जोन में 37 ऐसे ब्लॉकिंग पॉइंट्स और 15 विशेष लोकेशंस चिह्नित की हैं, जहां से अनधिकृत प्रवेश को पूरी तरह से रोका जा रहा है। भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 (पूर्व में धारा 144) लागू होने के कारण 5 या उससे अधिक लोगों के इकट्ठा होने पर पूरी तरह पाबंदी है। (Delhi CJP 2.0 Protest)
बिना अनुमति के प्रदर्शन और पुलिसिया कार्रवाई
दिल्ली पुलिस ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर साफ किया था कि CJP को जंतर-मंतर पर इस प्रदर्शन के लिए कोई आधिकारिक अनुमति नहीं दी गई है। पुलिस के अनुसार, प्रदर्शन की मंजूरी के लिए कम से कम 10 दिन पहले आवेदन करना जरूरी होता है, जबकि संगठन ने 7 अक्टूबर को पत्र भेजकर 10 अक्टूबर को प्रदर्शन करने की अनुमति मांगी थी, जो नियमों के खिलाफ था।
बिना अनुमति के प्रदर्शन के आह्वान के बाद पुलिस पूरी तरह एक्शन मोड में है। सुबह से ही ले मेरिडियन होटल के गोलचक्कर, संसद मार्ग और दिल्ली के अन्य एंट्री पॉइंट्स पर पुलिस ने मुस्तैदी बढ़ा दी है। जंतर-मंतर की ओर बढ़ रहे सैकड़ों प्रदर्शनकारियों को एहतियातन हिरासत में लिया गया है। (Delhi CJP 2.0 Protest)
सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके और अन्य कार्यकर्ताओं ने दावा किया है कि इस विरोध प्रदर्शन को दबाने के लिए बड़े पैमाने पर लोगों को रोका जा रहा है, हालांकि पुलिस का कहना है कि यह कदम केवल शांति व्यवस्था बनाए रखने और आम जनता के लिए यातायात सुचारू रखने के लिए उठाया गया है। राजधानी के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट (IGI Airport) टर्मिनल 3 पर भी सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह अलर्ट पर हैं, ताकि किसी भी संभावित भीड़ को नियंत्रित किया जा सके।









