Ghaziabad: गाजियाबाद के साहिबाबाद थाना क्षेत्र के शहीद नगर इलाके में 12 अक्टूबर 2026 की शाम को एक बड़ा हादसा हो गया। यहाँ निर्माणाधीन गोदाम का लेंटर अचानक भरभराकर नीचे गिर गया। मलबे के नीचे कई मजदूरों के दबे होने के कारण घटनास्थल पर चीख-पुकार मच गई। हादसे के तुरंत बाद स्थानीय प्रशासन, पुलिस और बचाव दल (NDRF व SDRF) राहत कार्य में जुट गए हैं। शुरुआती रिपोर्टों के अनुसार, मलबे से 3 मजदूरों को सुरक्षित निकालकर अस्पताल भेजा गया है, जबकि 2 मजदूरों की तलाश अब भी जारी है।
हादसा दिल्ली से सटे गाजियाबाद के साहिबाबाद इंडस्ट्रियल एरिया के पास स्थित शहीद नगर इलाके का है। मिली जानकारी के अनुसार, यहाँ करीब 200 वर्ग गज के प्लॉट पर लगभग 25 फीट की ऊंचाई वाले एक गोदाम का निर्माण कार्य चल रहा था। सोमवार देर शाम जब मजदूर छत पर लेंटर डालने या उसकी शटरिंग से जुड़ा काम कर रहे थे, तभी अचानक पूरी संरचना ढह गई।
लेंटर गिरते ही भारी-भरकम सीमेंट, कंक्रीट और लोहे के सरियों का मलबा नीचे काम कर रहे मजदूरों पर आ गिरा। रात का समय होने और संकरी गलियां होने के कारण शुरुआत में राहत कार्य में कुछ बाधाएं आईं, लेकिन पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए मोर्चा संभाला।
Ghaziabad: युद्धस्तर पर राहत और बचाव कार्य
घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय निवासियों की भीड़ जुट गई और उन्होंने तुरंत साहिबाबाद थाना पुलिस और दमकल विभाग को सूचित किया। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए डीसीपी ट्रांस हिंडन सहित कई थानों की पुलिस फोर्स और प्रशासनिक अमला मौके पर पहुंच गया। मलबे को हटाने और फंसे हुए लोगों की तलाश के लिए NDRF और SDRF की टीमों को भी काम पर लगाया गया है।
कंक्रीट के भारी मलबे को तेजी से हटाने के लिए क्रेन और जेसीबी (JCB) मशीनों की मदद ली जा रही है। अब तक 5 में से 3 मजदूरों को मलबे से बाहर निकाल लिया गया है, जिन्हें तुरंत नजदीकी नरेंद्र मोहन अस्पताल में भर्ती कराया गया है। डॉक्टरों के अनुसार, घायलों का इलाज चल रहा है। बचे हुए दो मजदूरों की तलाश के लिए मलबे को कटर और क्रेन की मदद से बेहद सावधानीपूर्वक खंगाला जा रहा है ताकि अगर कोई अंदर जीवित हो, तो उसे सुरक्षित निकाला जा सके। (Ghaziabad)
लापरवाही पर उठते सवाल
हालांकि हादसे के सटीक कारणों का पता विस्तृत तकनीकी जांच के बाद ही चल पाएगा, लेकिन प्राथमिक तौर पर इस घटना के पीछे गंभीर लापरवाहियां सामने आ रही हैं। अक्सर इस तरह के हादसों में देखा जाता है कि बिल्डर या मकान मालिक ज्यादा मुनाफा कमाने के चक्कर में घटिया सीमेंट, कमजोर शटरिंग या कम सरियों का इस्तेमाल करते हैं। 25 फीट की ऊंचाई पर बिना किसी सुरक्षा घेरे या उचित सपोर्ट के लेंटर डालना बेहद जोखिम भरा होता है।
जांच का विषय यह भी है कि क्या इस व्यावसायिक गोदाम के निर्माण के लिए गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (GDA) या स्थानीय नगर निगम से उचित अनुमति और नक्शा पास कराया गया था या यह अवैध निर्माण था। (Ghaziabad)
दिल्ली-NCR में बढ़ते जा रहे हैं ऐसे हादसे
साहिबाबाद की यह घटना दिल्ली-एनसीआर में हाल के दिनों में हुए कई कंस्ट्रक्शन हादसों की कड़ी में नवीनतम है। हाल ही में 7 अक्टूबर 2026 को दिल्ली के सीमापुरी में एक पांच मंजिला इमारत गिरने से 5 लोगों की मौत हो गई थी। इसके अलावा, अगस्त के महीने में गाजियाबाद के ही लोनी इलाके में एक तीन मंजिला हार्डवेयर दुकान की छत गिरने से बड़ा हादसा हुआ था। बार-बार होने वाले ये हादसे स्थानीय निकायों की मॉनिटरिंग और अवैध व असुरक्षित निर्माण कार्यों पर कड़े नियंत्रण की कमी को उजागर करते हैं।
फिलहाल प्रशासनिक अधिकारियों का पूरा ध्यान मलबे में दबे बाकी दो मजदूरों की जान बचाने पर केंद्रित है। अधिकारियों का कहना है कि रेस्क्यू ऑपरेशन पूरा होने के बाद इस मामले में जांच कमेटी गठित की जाएगी और निर्माणकर्ता व ठेकेदार के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। (Ghaziabad)









