Delhi Protest: दिल्ली में एक तरफ विपक्ष चुनाव आयोग के खिलाफ मोर्चा खोले हुए है, दूसरी तरफ CJP यानी कॉकरोच जनता पार्टी ने दिल्ली पुलिस को 24 घंटे का अल्टीमेटम दे दिया है। मांग सिर्फ इतनी है कि जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने के लिए एक तारीख और समय तय कर दिया जाए। लेकिन इस मांग के बीच दिल्ली पुलिस ने एक ऐसा फैसला लिया है, जिसने पूरे मामले को और पेचीदा बना दिया है।
जिस जंतर-मंतर पर सालों से लोग अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन करते आए हैं, अब उसे दिल्ली पुलिस ने आधिकारिक प्रदर्शन स्थलों की लिस्ट से ही हटा दिया है। उसकी जगह रामलीला मैदान, बुराड़ी ग्राउंड और पूर्वी दिल्ली के CBD ग्राउंड को प्रदर्शन के लिए तय किया गया है। यानी CJP जिस जगह पर प्रदर्शन करना चाहती है, अब वही जगह आधिकारिक प्रदर्शन स्थल नहीं रही।
ऐसे में इस पूरे मामले की लड़ाई सिर्फ एक प्रदर्शन की इजाजत तक सीमित नहीं रह गई है। इसके साथ जुड़ गया है शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने का अधिकार, पुलिस की अनुमति से जुड़े नियम और सरकार के खिलाफ अपनी बात रखने के लिए सही जगह चुनने का सवाल।
Delhi Protest: प्रदर्शन के अधिकार पर घमासान, CJP ने पुलिस को दी बड़े आंदोलन की चेतावनी
इस पूरे विवाद के बीच सीजेपी के नेताओं ने तेवर पूरी तरह सख्त कर रखे हैं। हिरासत से बाहर आने के बाद सीजेपी के सह-संयोजक आशुतोष रांका और सौरभ दास सीधे पार्लियामेंट स्ट्रीट पुलिस स्टेशन पहुंचे और पुलिस को साफ शब्दों में 24 घंटे का अल्टीमेटम थमा दिया। पार्टी ने दो टूक कह दिया है कि अगर उन्हें जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने की अनुमति नहीं दी गई, तो वे इससे भी बड़ा कदम उठाने से पीछे नहीं हटेंगे।
सुप्रीम कोर्ट ने हिरासत और रास्ते बंद करने पर उठाए सवाल
इस पूरी खींचतान के बीच देश की सबसे बड़ी अदालत यानी सुप्रीम कोर्ट की एंट्री ने खेल को पूरी तरह पलट दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले पर स्वतः संज्ञान लेते हुए केंद्र सरकार और दिल्ली पुलिस से बहुत तीखे सवाल किए हैं। अदालत ने साफ-साफ पूछा है कि जब लोग अपनी बात कहने के लिए शांतिपूर्ण तरीके से जमा हो रहे थे, तो रेल, मेट्रो और आम लोगों के रास्ते क्यों रोके गए और उन्हें अवैध तरीके से क्यों हिरासत में लिया गया। सुप्रीम कोर्ट ने कड़े निर्देश दिए हैं कि मेट्रो सेवाएं और इंटरनेट बिल्कुल बंद नहीं होना चाहिए। (Delhi Protest)
जंतर-मंतर विवाद पहुंचा दिल्ली हाईकोर्ट, सुनवाई पर टिकी नजरें
अदालत की इस सख्ती के बाद दिल्ली पुलिस ने भले ही जंतर-मंतर को हमेशा के लिए डी-नोटिफाई कर दिया हो और वैकल्पिक जगहों के नाम पर रामलीला मैदान और बुराड़ी ग्राउंड का नया सर्कुलर जारी कर दिया हो, लेकिन यह मामला अब दिल्ली हाईकोर्ट पहुंच चुका है, जहां इस पर सुनवाई तय हो गई है।
राहुल गांधी के नेतृत्व में INDIA ब्लॉक का मार्च, चुनाव आयोग पर निशाना
दूसरी तरफ राजनीतिक मैदान का पारा भी सातवें आसमान पर है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी के नेतृत्व में इंडिया ब्लॉक ने ‘चलो दिल्ली’ मार्च शुरू कर दिया है। विपक्षी नेता मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और वोटर लिस्ट के मुद्दे को लेकर सीधे सुप्रीम कोर्ट की तरफ मार्च कर रहे हैं। इस दौरान राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर बड़ा हमला बोलते हुए दावा किया है कि लगभग 200 सरकारी अधिकारी लगातार उनके संपर्क में हैं और अंदर की सारी जानकारी साझा कर रहे हैं। (Delhi Protest)
अब दिल्ली पुलिस के अगले कदम का इंतजार, प्रदर्शन के अधिकार पर बहस तेज
फिलहाल, CJP के 24 घंटे के अल्टीमेटम की घड़ी चल रही है और अब सबकी नजर दिल्ली पुलिस के अगले कदम पर है। एक तरफ CJP अपने प्रदर्शन के अधिकार को लेकर पीछे हटने के मूड में नहीं दिख रही, तो दूसरी तरफ जंतर-मंतर को प्रदर्शन स्थल की लिस्ट से हटाने के फैसले ने इस पूरे मामले को और पेचीदा बना दिया है।
अब देखना होगा कि दिल्ली पुलिस CJP को प्रदर्शन के लिए तारीख और समय देती है, या फिर ये लड़ाई कोर्ट तक पहुंचकर एक नया मोड़ लेती है। क्योंकि ये लड़ाई अब सिर्फ एक जगह पर प्रदर्शन करने की नहीं रह गई है, बल्कि ये भी तय करेगी कि अपनी बात सरकार तक पहुंचाने के लिए सड़कों पर उतरने वालों और उन्हें रोकने वाले प्रशासन के बीच आगे का रास्ता क्या होगा। फिलहाल, इस कहानी में अगला कदम किसका होगा, इसका जवाब आने वाले वक्त में सामने आएगा। (Delhi Protest)









