UP Sweets New Rule 2026: उत्तर प्रदेश में मिठाई प्रेमियों और त्योहारों की खरीदारी करने वालों के लिए एक बेहद जरूरी और राहत भरी खबर है। उत्तर प्रदेश में 15 अक्टूबर 2026 से सभी तरह की मिठाइयों पर ‘यूज बाय डेट’ यानी उपयोग की अंतिम तिथि प्रदर्शित करना अनिवार्य कर दिया गया है।
खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (FSDA) विभाग की आयुक्त डॉ. रोशन जैकब ने 27 सितंबर को ही इसके आधिकारिक आदेश जारी कर दिए थे, जो अब 15 अक्टूबर से पूरे प्रदेश में पूरी तरह लागू होने जा रहा है। यह कदम आगामी त्योहारी सीजन (दीपावली, भैयादूज) को देखते हुए मिलावटखोरी पर लगाम लगाने और उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य की रक्षा के लिए उठाया गया है।
UP Sweets New Rule 2026: खुली और पैक्ड दोनों मिठाइयों पर लागू होगा नियम
इस नए नियम की सबसे खास बात यह है कि यह केवल डिब्बाबंद मिठाइयों पर ही नहीं, बल्कि दुकानों के डिस्प्ले काउंटर में रखी खुली मिठाइयों पर भी समान रूप से लागू होगा। अब तक केवल पैक्ड खाद्य पदार्थों पर ही एक्सपायरी या बेस्ट बिफोर डेट देखने को मिलती थी, जिससे खुली मिठाइयों की ताजगी को लेकर हमेशा संशय बना रहता था। अब मिठाई दुकानदारों को ट्रे या कंटेनर के आगे साफ तौर से लिखना होगा कि उस मिठाई का इस्तेमाल कब तक किया जा सकता है।
1 से 30 दिन तक तय होगी शेल्फ लाइफ
खाद्य सुरक्षा विभाग के अनुसार, सभी मिठाइयों की प्रकृति और उन्हें बनाने में इस्तेमाल होने वाली सामग्री (जैसे मावा, छेना, घी या ड्राई फ्रूट्स) अलग-अलग होती है, इसलिए उनकी शेल्फ लाइफ भी एक जैसी नहीं होती। छेना और खोया की मिठाइयाँ जल्दी खराब होती हैं, इनकी उपयोग अवधि 1 से 2 दिन हो सकती है। वहीं, सूखे मेवे और घी की मिठाइयों की शेल्फ लाइफ लंबी होती है, जो मौसम और सामग्री के आधार पर 1 दिन से लेकर 30 दिन तक हो सकती है। नए नियम के तहत मिठाई की प्रकृति के अनुसार सटीक ‘यूज बाय डेट’ डालनी होगी। (UP Sweets New Rule 2026)
कारोबारियों की बढ़ेगी जिम्मेदारी
इस नई व्यवस्था के तहत सिर्फ तारीख लिख देना ही काफी नहीं होगा, बल्कि इसके साथ खाद्य कारोबारियों की कानूनी और नैतिक जिम्मेदारी भी तय की गई है। यदि किसी दुकानदार ने किसी मिठाई की उपयोग अवधि 5 दिन तय की है, तो उसे यह सुनिश्चित करना होगा कि उन 5 दिनों के भीतर मिठाई की गुणवत्ता और खाद्य सुरक्षा मानक बिल्कुल दुरुस्त रहें। बासी या खराब मिठाई बेचने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
मिलावट रोकने के लिए एक और सख्त कदम
मिठाइयों पर तारीख अनिवार्य करने के साथ-साथ सरकार ने दूध और डेयरी प्रोसेसिंग यूनिट्स पर भी सख्ती बढ़ा दी है। निरीक्षण के दौरान कुछ जगहों पर पाश्चुरीकरण और रेफ्रिजरेशन के समय कूलेंट के रूप में जहरीले केमिकल्स जैसे एथिलीन ग्लाइकोल और डाईएथिलीन ग्लाइकोल का उपयोग पाया गया था, जिसे विभाग ने पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिया है। इसके विकल्प के रूप में अब केवल सुरक्षित ‘प्रोपलीन ग्लाइकोल’ के इस्तेमाल की अनुमति होगी। (UP Sweets New Rule 2026)
उपभोक्ताओं को कैसे मिलेगा फायदा?
- ताजगी की गारंटी: अक्सर त्योहारों के समय ज्यादा मुनाफे के लिए दुकानदार कई दिन पुरानी बासी मिठाइयाँ ताजी बताकर बेच देते हैं। अब ग्राहक काउंटर पर लगी पर्ची देखकर खुद तय कर सकेंगे कि मिठाई कितनी ताजी है।
- सेहत की सुरक्षा: बासी और फंगस लगी मिठाइयाँ खाने से होने वाली फूड पॉइजनिंग और पेट की बीमारियों से आम जनता का बचाव होगा।
- निर्णय लेने में आसानी: उपभोक्ता अपनी जरूरत के हिसाब से मिठाई चुन सकेंगे। जैसे अगर किसी को सफर में मिठाई ले जानी है, तो वह लंबी शेल्फ लाइफ वाली मिठाई चुन सकता है।
नियम का उल्लंघन करने पर होगी सख्त कार्रवाई
15 अक्टूबर से नियम लागू होते ही पूरे उत्तर प्रदेश में FSDA की टीमें सक्रिय हो जाएंगी और दुकानों का औचक निरीक्षण करेंगी। यदि कोई दुकानदार अपनी खुली या पैक मिठाइयों पर ‘यूज बाय डेट’ नहीं लिखता है या गलत तारीख अंकित करता है, तो खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 (Food Safety and Standards Act, 2006) के तहत भारी जुर्माना और दुकान का लाइसेंस रद्द करने जैसी कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। (UP Sweets New Rule 2026)
उत्तर प्रदेश सरकार का यह फैसला त्योहारी सीजन में आम जनता के स्वास्थ्य के लिहाज से एक ऐतिहासिक मील का पत्थर है। अब ग्राहकों की भी यह जिम्मेदारी बनती है कि वे जागरूक बनें और 15 अक्टूबर के बाद जब भी किसी हलवाई या मिठाई की दुकान पर जाएं, तो काउंंटर पर ‘यूज बाय डेट’ देखकर ही खरीदारी करें। किसी भी प्रकार की अनियमितता या बासी मिठाई दिखने पर खाद्य सुरक्षा विभाग के आधिकारिक पोर्टल पर तुरंत शिकायत दर्ज कराएं।









