Dhruv Rathee Court Case: यूट्यूबर ध्रुव राठी की कानूनी मुश्किलें एक बार फिर बढ़ती हुई नजर आ रही हैं। साल 2018 के एक पुराने अपराधिक मानहानि मामले में दिल्ली की साकेत कोर्ट द्वारा जारी ताजा समन को हरियाणा के गुरुग्राम सेक्टर-56, केंद्रीय विहार सोसाइटी स्थित उनके आवास के मुख्य दरवाजे पर चस्पा कर दिया गया है। दिल्ली की अदालत ने इस मामले की त्वरित कार्यवाही करते हुए अगली सुनवाई 17 अक्टूबर 2026 को निर्धारित की है। शिकायतकर्ता पक्ष का कहना है कि ध्रुव राठी ने समन लेने से इनकार कर दिया था। इसके बाद अदालत के नियमों के अनुसार, नोटिस उनके घर के बाहर चिपका दिया गया, ताकि उन्हें इसकी जानकारी दी जा सके।
Dhruv Rathee Court Case: क्या है पूरा विवाद और 2018 का मानहानि मामला?
यह पूरा कानूनी विवाद करीब आठ साल पुराना है, जो मई 2018 में ध्रुव राठी के आधिकारिक यूट्यूब चैनल पर अपलोड किए गए एक वीडियो से शुरू हुआ था। इस वीडियो का शीर्षक ‘BJP IT Cell Part-2’ था। यह आपराधिक मानहानि मामला भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के आईटी सेल के सदस्य और ‘आई सपोर्ट नरेंद्र मोदी’ सोशल मीडिया पेज के संस्थापक विकास सांकृत्यायन उर्फ विकास पांडे द्वारा दायर किया गया था। विकास पांडे का आरोप है कि ध्रुव राठी ने इस वीडियो के जरिए उनके और भाजपा आईटी सेल के खिलाफ बेहद गंभीर, बेबुनियाद और मनगढ़ंत आरोप लगाए थे।
वीडियो में कथित तौर पर यह दावा किया गया था कि विकास पांडे के माध्यम से महावीर प्रसाद नाम के एक व्यक्ति को रिश्वत देने की कोशिश की गई थी। साथ ही, यह भी आरोप लगाया गया था कि ध्रुव राठी की छवि खराब करने के उद्देश्य से 50 लाख रुपये की पेशकश की गई थी। विकास पांडे का कहना है कि ये सभी बातें पूरी तरह असत्य हैं और इनके सार्वजनिक प्रसार से समाज में उनकी व्यक्तिगत तथा सामाजिक प्रतिष्ठा को भारी आघात पहुंचा है, जिसके बाद उन्होंने अदालत की शरण ली।
साकेत कोर्ट का ताजा आदेश और त्वरित कार्रवाई
अदालती दस्तावेजों के अनुसार, ध्रुव राठी को इस मामले में सबसे पहले 23 जुलाई 2019 को समन जारी किया गया था। हालांकि, पिछले कई वर्षों से इस समन की तामीली नहीं हो पा रही थी, क्योंकि ध्रुव राठी मुख्य रूप से ऑस्ट्रिया में रहते हैं। मामले में नया मोड़ तब आया, जब शिकायतकर्ता के वकील एडवोकेट समक्ष शर्मा ने साकेत कोर्ट के न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी राहुल जैन की अदालत में एक विशेष आवेदन दायर किया।
इस आवेदन में कोर्ट को सूचित किया गया कि ध्रुव राठी वर्तमान में भारत आए हुए हैं। इसके बाद कोर्ट ने मामले की पूर्व निर्धारित तारीख (20 नवंबर) को पहले खिसकाते हुए 12 अक्टूबर 2026 को नया और ‘दस्ती समन’ जारी करने का आदेश दे दिया। अदालत ने शिकायतकर्ता को अदालती स्टाफ के साथ जाकर स्वयं समन तामील कराने की भी विशेष अनुमति प्रदान की। (Dhruv Rathee Court Case)
अरविंद केजरीवाल का कनेक्शन और वर्तमान स्थिति
इस मामले का एक महत्वपूर्ण पहलू यह भी है कि ध्रुव राठी के इसी विवादित वीडियो को दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने भी अपने सोशल मीडिया हैंडल ‘एक्स’ पर रीट्वीट किया था। इसके बाद विकास पांडे ने केजरीवाल को भी सह-आरोपी बनाया था। हालांकि, फरवरी 2024 में अरविंद केजरीवाल ने सुप्रीम कोर्ट के समक्ष यह स्वीकार करते हुए कि वीडियो को रीट्वीट करना एक गलती थी, औपचारिक रूप से माफी मांग ली थी, जिसके बाद उनके खिलाफ कार्यवाही पर रोक लगा दी गई थी। परंतु, मुख्य कंटेंट क्रिएटर होने के कारण ध्रुव राठी के खिलाफ निचली अदालत में यह मामला लगातार जारी रहा।
CJP के प्रदर्शन और पुलिस द्वारा हिरासत में लिए जाने का मामला
यह अदालती घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है, जब ध्रुव राठी हाल ही में भारत में अन्य वजहों से भी चर्चा में रहे हैं। हाल ही में, 10 अक्टूबर 2026 को दिल्ली और गुरुग्राम पुलिस ने ध्रुव राठी को उनके सेक्टर-56 स्थित आवास से उस समय हिरासत में लिया था, जब वे दिल्ली के जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के बैनर तले आयोजित एक बड़े विरोध प्रदर्शन में शामिल होने जा रहे थे। (Dhruv Rathee Court Case)
ध्रुव राठी ने बाद में एक वीडियो जारी कर आरोप लगाया था कि उन्हें करीब 22 घंटे तक क्राइम ब्रांच के कार्यालय में रखा गया था। इसके साथ ही, 16 अक्टूबर को दिल्ली के सेंट्रल पार्क में भी इस समूह द्वारा एक कार्यक्रम आयोजित करने की अपील की गई थी।









