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परविंदर सिंह झोटा हत्याकांड की जांच अब CBI के हवाले, परिवार की मांग पर भगवंत मान सरकार का फैसला

Parvinder Singh Jhotta Murder Case

Parvinder Singh Jhotta Murder Case: पंजाब की राजनीति और कानून-व्यवस्था को हिलाकर रख देने वाले बहुचर्चित परविंदर सिंह झोटा हत्याकांड में राज्य सरकार ने एक बेहद अहम और बड़ा फैसला लिया है। फ्रांस के पेरिस दौरे से लौटते ही पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने इस पूरे मामले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को सौंपने का आधिकारिक ऐलान कर दिया है। यह फैसला ऐसे समय में आया है, जब केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह आज ही पंजाब के मानसा दौरे पर आ रहे हैं, जहां वे पीड़ित परिवार से मुलाकात करने वाले थे।

Parvinder Singh Jhotta Murder Case: मुख्यमंत्री भगवंत मान का सोशल मीडिया पर ऐलान

पेरिस से पंजाब वापस आते ही मुख्यमंत्री भगवंत मान ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए सोशल मीडिया एक्स पर पोस्ट किया। उन्होंने पंजाबी में लिखा, “नशों के खिलाफ लड़ रहे परमिंदर सिंह झोटा के पिता और उनके परिवार के साथ हम हर समय डटकर खड़े हैं। परिवार की मांग को स्वीकार करते हुए, हम यह केस CBI को सौंप रहे हैं। नशे के सौदागरों के खिलाफ हमारी लड़ाई आर-पार की है। पंजाब को नशा-मुक्त करने के लिए हमें जो भी सख्त कदम उठाना पड़ा, हम पीछे नहीं हटेंगे।” सरकार के इस कदम को विपक्ष के चौतरफा घेराव और गृह मंत्री के दौरे से ठीक पहले एक बड़े राजनीतिक ‘मास्टरस्ट्रोक’ के रूप में देखा जा रहा है।

क्या है पूरा मामला?

पंजाब में नशे के खिलाफ एक मुखर आवाज बन चुके एंटी-ड्रग एक्टिविस्ट परविंदर सिंह झोटा की 13 अक्टूबर 2026 को मानसा के एक व्यस्त बाजार में दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। घटना के वक्त झोटा मेडिकल स्टोर के मालिक अश्विनी कुमार से एक बुजुर्ग को नशीली दवाएं बेचने को लेकर सवाल-जवाब कर रहे थे। सबसे हैरान करने वाली बात यह थी कि यह पूरी वारदात फेसबुक लाइव पर प्रसारित हो रही थी। (Parvinder Singh Jhotta Murder Case)

लाइव वीडियो के दौरान ही केमिस्ट अश्विनी ने अंधाधुंध फायरिंग कर दी, जिसमें परविंदर झोटा की मौके पर ही मौत हो गई और उनके चार साथी गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद मुख्य आरोपी अश्विनी राजस्थान के सालासर भाग गया था, जिसे बाद में पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया।

इंसाफ की मांग: 7 दिनों से नहीं हुआ अंतिम संस्कार

परविंदर झोटा की हत्या के बाद से ही मानसा सहित पूरे पंजाब में जनता और सामाजिक संगठनों का गुस्सा फूट पड़ा था। झोटा के पिता भीम सिंह (पूर्व सैनिक) और उनके सहयोगियों द्वारा गठित ‘इंसाफ एक्शन कमेटी’ ने न्याय मिलने तक शव का अंतिम संस्कार करने से साफ इनकार कर दिया था। पिछले 7 दिनों से परविंदर सिंह झोटा का पार्थिव शरीर मानसा के सिविल अस्पताल की मोर्चरी में रखा हुआ है। परिवार और एक्शन कमेटी की प्रमुख मांगें थीं-

  1. मामले की निष्पक्ष जांच के लिए केस तुरंत CBI को ट्रांसफर किया जाए।
  2. शव का पोस्टमार्टम मानसा के बजाय PGI (चंडीगढ़) के डॉक्टरों की विशेष टीम से करवाया जाए।
  3. नशा तस्करों, स्थानीय पुलिस और नेताओं के बीच कथित गठजोड़ का पर्दाफाश हो।
  4. शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) द्वारा परविंदर सिंह झोटा को ‘शहीद’ का दर्जा दिया जाए और घटनास्थल पर उनकी प्रतिमा लगाई जाए। (Parvinder Singh Jhotta Murder Case)

अमित शाह के दौरे से पहले बढ़ा राजनीतिक पारा

इस हत्याकांड ने पंजाब में एक बड़ा राजनीतिक मोड़ ले लिया है, खासकर इसलिए क्योंकि अगले साल की शुरुआत में ही पंजाब में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने पहले ही इस हत्या पर केंद्र की ओर से संज्ञान लेते हुए राज्य सरकार से रिपोर्ट तलब करने की बात कही थी। आज अमित शाह का मानसा, संगरूर और गुरदासपुर का दौरा प्रस्तावित है, जहां वे झोटा के परिवार से मिलने वाले थे।

भारतीय जनता पार्टी (BJP) और शिरोमणि अकाली दल (SAD) लगातार भगवंत मान सरकार पर हमलावर थे। सांसद हरसिमरत कौर बादल और भाजपा नेताओं ने राज्यपाल व गृह मंत्री को पत्र लिखकर पंजाब में कानून व्यवस्था के ध्वस्त होने का आरोप लगाया था और पुलिस-तस्कर नेक्सस की CBI जांच की मांग की थी। विपक्ष और जनता के इस चौतरफा दबाव के बीच, मुख्यमंत्री भगवंत मान ने दिल्ली और पेरिस से लौटते ही गृह मंत्री के मानसा पहुंचने से महज कुछ घंटे पहले खुद ही CBI जांच की घोषणा कर दी, जिससे विपक्ष के हाथों से यह बड़ा मुद्दा छिन गया। (Parvinder Singh Jhotta Murder Case)

आगे क्या?

मुख्यमंत्री भगवंत मान की इस बड़ी घोषणा के बाद अब गृह विभाग इस केस को केंद्रीय एजेंसी (CBI) को सौंपने की औपचारिक कागजी प्रक्रिया शुरू करेगा। हालांकि, अब देखना यह होगा कि क्या इस घोषणा के बाद परविंदर झोटा का परिवार उनके पार्थिव शरीर का पोस्टमार्टम और अंतिम संस्कार करने के लिए सहमत होता है या नहीं। पंजाब में नशे के खिलाफ जारी इस जंग में परविंदर झोटा की शहादत और अब इस पर शुरू हुई केंद्रीय जांच आने वाले दिनों में राज्य की सियासत और कानून व्यवस्था की दिशा तय करेगी।

Vaishali
Author: Vaishali

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