Punjab: लुधियाना के दरेसी ग्राउंड में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने ‘नशे के रावण’ का पुतला दहन किया है। 20 अक्टूबर 2026 को विजयदशमी (दशहरे) के पावन अवसर पर आयोजित इस गरिमामयी समारोह में उन्होंने पंजाब के सबसे ऊंचे 121 फीट के पुतले को अग्नि भेंट कर राज्य को नशामुक्त करने का एक बड़ा और कड़ा संदेश दिया। इस बार का दशहरा पारंपरिक बुराइयों के अंत के साथ-साथ पंजाब को लंबे समय से खोखला कर रहे ड्रग्स यानी ‘चिट्टे’ के खात्मे के प्रतीक के रूप में मनाया गया।
Punjab: नशे के रावण का दहन, बुराई पर अच्छाई की नई परिभाषा
सनातन परंपरा में दशहरा हमेशा से अधर्म पर धर्म और असत्य पर सत्य की जीत का प्रतीक रहा है। लेकिन इस बार दरेसी ग्राउंड में एकत्र हुई हजारों की भीड़ एक ऐतिहासिक बदलाव की साक्षी बनी। अमित शाह द्वारा रिमोट का बटन दबाते ही जैसे ही 121 फीट ऊंचा पुतला धू-धू कर जला, पूरा मैदान ‘जय श्री राम’ के उद्घोष से गूंज उठा। गृह मंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि आज के दौर में पंजाब के युवाओं को दीमक की तरह चाट रहा ‘नशा’ ही सबसे बड़ा रावण है। उन्होंने इसे सिर्फ एक पुतला दहन नहीं, बल्कि पंजाब की पावन धरती से ड्रग्स के कारोबार को जड़ से उखाड़ फेंकने के संकल्प की शुरुआत बताया।
पीड़ित परिवारों से मुलाकात और न्याय का संकल्प
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने पंजाब दौरे के दौरान नशे के खिलाफ आवाज उठाने के कारण जान गंवाने वाले लोगों के परिवारों से मुलाकात की। गुरदासपुर के मारी पानवान गांव में उन्होंने नशे का विरोध करने पर मारे गए विक्रमजीत सिंह के परिजनों से मिलकर उन्हें ढांढस बंधाया। इसके बाद संगरूर के तुरबनजारा गांव में उन्होंने नशे के खिलाफ मुहिम के दौरान जान गंवाने वाले गुलजार सिंह के परिवार से मुलाकात की। वहीं, मानसा में अमित शाह ने एंटी-ड्रग एक्टिविस्ट परविंदर सिंह झोटा के परिवार से विशेष मुलाकात की, जिनकी 13 अक्टूबर को नशे का विरोध करने के दौरान गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। (Punjab)
सीबीआई (CBI) जांच पर बड़ा बयान
गृह मंत्री ने सार्वजनिक मंच से घोषणा की कि परविंदर सिंह झोटा हत्याकांड की जांच पंजाब सरकार ने सीबीआई को सौंप दी है। इसके साथ ही उन्होंने मुख्यमंत्री से अपील की कि बाकी दोनों मामलों की जांच भी तुरंत सीबीआई को दी जाए। शाह ने कड़े शब्दों में चेतावनी दी, “जांच सीबीआई के हाथों में आने के बाद, ड्रग्स माफिया का कोई भी आका चाहे पाताल में भी क्यों न छुपा हो, मोदी सरकार उसे ढूंढ निकालेगी और जेल की सलाखों के पीछे भेजेगी”
2029 तक ‘नशा मुक्त पंजाब’ का महा-संकल्प
गृह मंत्री अमित शाह ने लुधियाना की धरती से देश और राज्य के सामने एक बेहद महत्वपूर्ण समय-सीमा (Timeline) रखी। उन्होंने समस्त पंजाब वासियों से आह्वान किया कि वे 31 दिसंबर 2029 तक पंजाब को पूरी तरह से नशा मुक्त (Drug-Free) बनाने का संकल्प लें। उन्होंने कहा कि यदि राज्य सरकार इस दिशा में कड़े कदम उठाती है तो केंद्र पूरी मदद करेगा, और यदि राज्य सरकार ढिलाई बरतती है, तो केंद्र सरकार खुद कड़े फैसले लेकर इस नेटवर्क को ध्वस्त करेगी। (Punjab)
आगामी विधानसभा चुनाव 2027 का राजनीतिक शंखनाद
राजनीतिक विश्लेषक अमित शाह के इस दौरे को पंजाब में 2027 में होने वाले विधानसभा चुनावों के शंखनाद के रूप में देख रहे हैं। पंजाब की सियासत में ‘चिट्टा’ और नशा हमेशा से एक बेहद संवेदनशील और निर्णायक मुद्दा रहा है। बीजेपी के वरिष्ठ नेताओं, जिनमें केंद्रीय राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू भी शामिल रहे, ने साफ किया कि भारतीय जनता पार्टी आगामी चुनावों में विकास, सुशासन, स्थिरता और नशा मुक्ति को अपना मुख्य एजेंडा बनाने जा रही है। गृह मंत्री का यह दौरा सीमा पार (पाकिस्तान) होने वाली ड्रग्स तस्करी और राज्य के भीतर फैले लोकल नेक्सस पर सीधी चोट करने की बीजेपी की रणनीति का हिस्सा है।
कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच संपन्न हुआ कार्यक्रम
देश के गृह मंत्री के आगमन और वीआईपी मूवमेंट को देखते हुए लुधियाना पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों ने सुरक्षा के अभूतपूर्व इंतजाम किए थे। दरेसी ग्राउंड और उसके आसपास के प्रमुख बाजारों, रास्तों तथा चौकों पर चप्पे-चप्पे पर कमांडो और पुलिस बल तैनात था। सुरक्षा एजेंसियों को हाई अलर्ट पर रखा गया था ताकि त्योहार के इस महापर्व में कोई खलल न पड़े। (Punjab)
लुधियाना के दरेसी ग्राउंड से उठी ‘नशे के रावण’ के दहन की लपटें केवल एक पुतले तक सीमित नहीं हैं। यह पंजाब के युवाओं को एक नया जीवन देने और राज्य को पुराने गौरवशाली, समृद्ध स्वरूप में वापस लाने के दृढ़ संकल्प की प्रतीक हैं। अब देखना यह होगा कि 2029 तक पंजाब को नशा मुक्त करने का यह संकल्प धरातल पर कितनी तेजी से उतरता है और राज्य की राजनीति को किस ओर मोड़ता है।









