Shiva Sharma Murder Case: लखनऊ के बहुचर्चित कारोबारी शिवा शर्मा हत्याकांड की गुत्थी सुलझाने के लिए उत्तर प्रदेश पुलिस और फोरेंसिक टीमें अब क्राइम सीन को री-क्रिएट करने की तैयारी कर रही हैं। 9 अक्टूबर 2026 की रात को हजरतगंज इलाके के अवध ग्रीन अपार्टमेंट की चौथी मंजिल से गिरकर हुई शिवा शर्मा की संदिग्ध मौत का यह मामला लगातार पेचीदा होता जा रहा है।
एक तरफ जहां मृतक कारोबारी के परिजनों ने इसे सोची-समझी हत्या करार दिया है, वहीं दूसरी तरफ मुख्य आरोपी मॉडल श्रद्धा दुबे इसे आत्महत्या बता रही है। हत्या और आत्महत्या के इसी ताने-बाने में उलझे इस हाई-प्रोफाइल केस का सच सामने लाने के लिए पुलिस अब वैज्ञानिक और फोरेंसिक साक्ष्यों का सहारा ले रही है।
Shiva Sharma Murder Case: 11 दिन फरार रहने के बाद नागपुर से गिरफ्तार, मददगारों पर भी शिकंजा
9 अक्टूबर को हुई इस घटना के बाद से ही मुख्य आरोपी सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर और मॉडल श्रद्धा दुबे, उसकी बहन रश्मि दुबे और ड्राइवर दानिश फरार चल रहे थे। पुलिस की लापरवाही को लेकर लखनऊ में भारी जनाक्रोश देखा गया, जिसके बाद शासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए इंस्पेक्टर को लाइन हाजिर किया और डीसीपी को पद से हटा दिया था। आरोपियों पर इनाम की राशि बढ़ाकर 50,000 रुपये कर दी गई थी।
करीब 11 दिनों तक पुलिस को छकाने और बुर्का पहनकर भेष बदलकर नेपाल से लेकर नागपुर तक भागने के बाद, आखिरकार यूपी एसटीएफ और लखनऊ पुलिस ने संयुक्त ऑपरेशन चलाकर तीनों आरोपियों को नागपुर से गिरफ्तार कर लिया। ट्रांजिट रिमांड पर लखनऊ लाए जाने के बाद अब तीनों से सघन पूछताछ जारी है। साथ ही, पुलिस उन लोगों पर भी शिकंजा कस रही है जिन्होंने फरार रहने के दौरान आरोपियों की छिपने में मदद की थी। (Shiva Sharma Murder Case)
हत्या या आत्महत्या? दोनों पक्षों के दावे
इस मामले में पुलिस के सामने दो विपरीत कहानियां हैं, जिसने जांच को बेहद पेचीदा बना दिया है। शिवा शर्मा की मां रंजना शर्मा द्वारा हजरतगंज कोतवाली में दर्ज कराई गई शिकायत के आधार पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103(1) के तहत हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया है। परिवार का आरोप है कि शिवा को चौथी मंजिल से धक्का देकर मार डाला गया है और इसमें श्रद्धा व उसके साथियों की सीधी भूमिका है।
वहीं, गिरफ्तारी से पहले जारी किए गए वीडियो और पूछताछ में श्रद्धा दुबे ने सभी आरोपों को खारिज किया है। उसका दावा है कि शिवा शर्मा ने अवध ग्रीन अपार्टमेंट की चौथी मंजिल से कूदकर खुदकुशी की थी। श्रद्धा ने अपार्टमेंट के सीसीटीवी फुटेज को सार्वजनिक करने की भी मांग की है ताकि उसकी बेगुनाही साबित हो सके। (Shiva Sharma Murder Case)
क्राइम सीन री-क्रिएशन क्यों है जरूरी?
बयानों के इस विरोधाभास और इलेक्ट्रॉनिक डेटा के अभाव को देखते हुए पुलिस के लिए क्राइम सीन दोहराना सबसे बड़ा हथियार बन गया है। इस प्रक्रिया के जरिए पुलिस कई सवालों के जवाब तलाशेगी। क्या कोई व्यक्ति खुद से कूदता है तो वह इमारत से कितनी दूर गिरता है और किसी को धक्का दिए जाने पर बॉडी की ट्रांजैक्ट्री क्या होती है? फोरेंसिक विशेषज्ञ डमी का उपयोग करके भौतिक विज्ञान के नियमों के आधार पर इसका आकलन करेंगे।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में आई चोटों का मिलान ऊंचाई से गिरने से पैदा हुए इम्पैक्ट से किया जाएगा। क्या गिरने से पहले शिवा के शरीर पर किसी तरह के संघर्ष के निशान थे? 9 अक्टूबर की रात फ्लैट के भीतर वास्तव में क्या हुआ था, श्रद्धा और शिवा के बीच किस बात को लेकर विवाद हुआ था, इन सभी कड़ियों को कड़ाई से जोड़ने के लिए आरोपियों की मौजूदगी में घटनाक्रम को री-क्रिएट किया जाएगा। (Shiva Sharma Murder Case)
डिजिटल सबूतों और बयानों की कड़ियों का मिलान
पुलिस ने आरोपियों के पास से मोबाइल फोन और अन्य सामग्रियां जब्त कर फोरेंसिक जांच के लिए भेज दी हैं। श्रद्धा दुबे ने दावा किया है कि उसके पुराने मोबाइल फोन नेपाल में गुम हो गए थे, जिसकी वजह से पुलिस के लिए डिलीट किए गए डेटा और पुराने चैट को खंगालना एक बड़ी चुनौती बन गया है। फिलहाल, पुलिस तीनों आरोपियों श्रद्धा, रश्मि और दानिश से अलग-अलग कमरों में पूछताछ कर रही है। पुलिस उनके बयानों का मिलान कर रही है और यह जांच रही है कि उनकी बातें गवाहों के बयान और वैज्ञानिक सबूतों से मेल खाती हैं या नहीं।
लखनऊ पुलिस और फोरेंसिक विशेषज्ञों की संयुक्त टीम बहुत जल्द अवध ग्रीन अपार्टमेंट में इस क्राइम सीन को दोबारा दोहराएगी। इस वैज्ञानिक तफ्तीश के बाद ही यह साफ हो पाएगा कि कारोबारी शिवा शर्मा की मौत एक सोची-समझी साजिश के तहत की गई हत्या थी या फिर डिप्रेशन और आपसी विवाद के चलते उठाया गया आत्मघाती कदम। (Shiva Sharma Murder Case)









