खाने के लिए हर इंसान कमाता है और सोचता है कि वो अच्छा खाना खा सके। इसी को देखते हुए सरकार भी इंसान के खाने की व्यवस्था करती है। अगर बात करें सस्ते खाने और अच्छे खाने की तो तमिलनाडु में वहां की पूर्व मुख्यमंत्री जे जयललिता के नाम से “अम्मा कैंटीन” साल 2013 में शुरू की गई थी और वहां पर बहुत सस्ती दरों में लोगों को खाना खिलाया जाता था। अब कुछ ऐसा ही दिल्ली में देखने को मिलने जा रहा है। वहां पर भी सस्ते और अच्छे खाने की शुरुआत आज से अटल बिहार वाजपेयी के जन्मदिन से शुरू होने जा रही है होने जा रही है।
‘अटल कैंटीन’ योजना की शुरुआत
देश की राजधानी में आज से एक नई और जन-हितैषी पहल का आगाज होने जा रहा है। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती के अवसर पर दिल्ली में ‘अटल कैंटीन’ योजना की शुरुआत की गई है। इस महत्वाकांक्षी योजना के तहत अब शहर के गरीब, मजदूर और जरूरतमंद लोगों को मात्र ₹5 में पौष्टिक और भरपेट भोजन उपलब्ध कराया जाएगा। देखा जाए तो शुरुआती चरण में दिल्ली के विभिन्न इलाकों में 100 ऐसी कैंटीन खोली जा रही हैं, जहाँ स्वच्छता और गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखा जाएगा। ये कैंटीन मुख्य रूप से उन जगहों पर स्थित होंगी जहां दैनिक वेतन भोगी मजदूरों, रिक्शा चालकों और बेघर लोगों की संख्या अधिक है। दिल्ली जैसे महानगर में, जहाँ खाने-पीने की लागत लगातार बढ़ रही है, यह योजना छात्रों और कम आय वाले परिवारों के लिए एक वरदान साबित होगी।

इस योजना पर क्या बोली सरकार
सरकार के अनुसार, ”अटल जी का मानना था कि दरिद्र नारायण की सेवा ही सच्ची ईश्वर सेवा है। अटल कैंटीन उसी सेवा भाव का एक सशक्त उदाहरण है।” फिलहाल, सरकार इस योजना को आने वाले महीनों में इन कैंटीन की संख्या को 100 से बढ़ाकर पूरे दिल्ली एनसीआर में विस्तारित करने की है, ताकि शहर के कोने-कोने तक इस योजना का लाभ पहुँचाया जा सके।

सीएम रेखा गुप्ता ने ‘अटल‘ कैंटीन का किया शिलान्यास
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पहल भाजपा सरकार की मध्यम वर्ग के परिवारों के प्रति अपने सम्मान का एक उदाहरण है। राष्ट्रीय राजधानी में ‘अटल’ कैंटीन खोलना भाजपा के लिए इस साल फरवरी में हुए दिल्ली विधानसभा चुनावों के दौरान किए गए चुनावी वादों में से एक था। संजय बस्ती स्थित जेजे क्लस्टर में ‘अटल’ कैंटीन के शिलान्यास समारोह के दौरान मुख्यमंत्री के साथ शहरी विकास मंत्री आशीष सूद भी मौजूद थे।









