यूपी की राजधानी लखनऊ अपनी शराफत, नज़कात, नफासत और तहज़ीब के लिए जाना जाता है। लेकिन अब लखनऊ से एक बड़ी दिसचस्प खबर सामने आ रही है। आपको याद होगा जब सपा की सरकार थी और उस समय सपा के कद्दावर नेता आज़म खां की बैंस चोरी हो गई थी, उसके बाद सूबे की पुलिस ने सरा काम छोड़ के उइनकी बैंस को ढ़ूंढना शूरू किया था। अबकी सरकार में भी कुछ ऐसा ही देखने को मिला है। अबकी बार भी कुछ ऐसी ही खबर सामने आ रही है।
लखनऊ के तालकटोरा थाना क्षेत्र के खुदाबख्श कर्बला परिसर से शिया समुदाय की धार्मिक आस्था से जुड़ा कीमती सफेद घोड़ा ‘जुलजनाह’ (दुलदुल) चोरी हो गया है। यह वारदात सुबह करीब 4:30 बजे हुई, जब चोर अस्तबल से घोड़े को खोलकर ले गए। पूरी घटना CCTV कैमरे में कैद हो गई, जिसमें चोर घोड़े को ले जाते दिखाई दे रहे है। कर्बला के प्रबंधक सैनवीम नकवी ने बताया कि यह घोड़ा ईरानी नस्ल का है और धार्मिक महत्व के कारण विशेष देख-रेख में रखा जाता था। इसे मुहर्रम के जुलूस में हजरत इमाम हुसैन (अ.स.) की सवारी के प्रतीक के रूप में निकाला जाता है। घोड़ा बेहद खूबसूरत और सफेद रंग का था।

उत्तराखंड से खरीदा गया था घोड़ा
चोरी की पूरी वारदात सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई है, जिसमें चोर ताला काटकर घोड़े को आशियाना पुल की तरफ ले जाता दिख रहा है। घोड़ा ईरानी नस्ल का सफेद रंग का है, जो लखनऊ में बहुत दुर्लभ माना जाता है। शहर में सिर्फ 3 ऐसे घोड़े बताए जा रहे हैं। इसे करीब 1.5 साल पहले उत्तराखंड से 4-4.5 लाख रुपये में खरीदा गया था।
ढूंढ़ने वाले को 50 हजार रुपये का इनाम
तालकटोरा थाने में अज्ञात चोरों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल डेटा और आसपास के अन्य कैमरों की जांच जारी है। पुलिस का दावा है कि जल्द ही आरोपी पकड़े जाएंगे और घोड़ा बरामद किया जाएगा। कर्बला के पूर्व मुतवल्ली सैयद फैजी अली (मालिक/देखभालकर्ता) ने घोड़े की बरामदगी के लिए 50,000 रुपये का इनाम घोषित किया है। मालिक इसे “बच्चे जैसा” मानते हैं और काफी परेशान हैं।

घोड़ा चोरी कैसे हुआ?
प्रबंधक सैनवीम नकवी के अनुसार, घोड़े की देख-रेख करने वाला कर्मचारी उस समय छत पर था। इसी बीच चोर ने मौका पाकर अस्तबल से घोड़े को खोला और लेकर भाग गया। चोरी की जानकारी मिलते ही आसपास तलाश शूरु कर दी गई, लेकिन घोड़ा नहीं मिला।









