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Iran Protest:खामेनेई की ट्रंप को ललकार-‘कुछ भी हो झुकेंगे नहीं’,जाने और क्या कहा

ईरान में इस समय हालात बेहद विस्फोटक हो चुके हैं। महंगाई और आर्थिक तंगी के खिलाफ शुरू हुआ जनआक्रोश अब सीधे सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई की सत्ता के खिलाफ एक बड़ी क्रांति का रूप ले चुका है।

“क्या ईरान का इस्लामी शासन अपने सबसे कठिन दौर से गुजर रहा है या यह एक नए महायुद्ध की आहट है?” पिछले 10 दिनों से धधक रहे ईरान में अब सीधी लड़ाई सुप्रीम लीडर और अमेरिका के बीच छिड़ गई है। जहाँ एक तरफ सड़कों पर प्रदर्शनकारी ‘तानाशाही खत्म करो’ के नारे लगा रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ अयातुल्लाह अली खामेनेई ने दुनिया को साफ संदेश दे दिया है कि वे किसी भी कीमत पर झुकने वाले नहीं हैं। खामेनेई ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को सीधे शब्दों में चेतावनी देते हुए उन्हें ‘खून से रंगे हाथों वाला हत्यारा’ करार दिया है। तेहरान की गलियों में इंटरनेट बंद है, आसमान में फाइटर जेट्स की गूँज है और सत्ता के गलियारों में हलचल— ईरान उस मुहाने पर खड़ा है जहाँ से वापसी का रास्ता नामुमकिन नजर आता है।

खामेनेई की दंगाईयों को दो टूक
खामेनेई ने कहा, हमारे देश में कुछ दंगाई देश की सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाकर अमेरिकी राष्ट्रपति को खुश करने की कोशिश में लगे हुए हैं। ऐसे में डोनाल्ड ट्रंप को अपने देश की चिंता करनी चाहिए, क्योंकि ईरान किसी भी विदेशी दबाव के सामने नहीं झुकेगा। खामेनेई ने ईरान के युवाओं से अपील करते हुए कहा, आप सभी देश में एकता बनाए रखें और किसी भी स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहें, क्योंकि एकजुट राष्ट्र किसी भी दुश्मन को हरा सकता है। अपने देश और लोगों की रक्षा करना किसी तरह का आक्रमण नहीं, बल्कि साम्राज्यवाद के सामने सबसे बड़ा साहस का काम है।

ट्रंप को खामेनेई की चेतावनी।

ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह खामेनेई ने अपने संबोधन में कहा कि ईरान विदेशी समर्थित ऑपरेटिव्स यानी आतंकी एजेंटों को ईरान में बर्दाश्त नहीं करेगा। यहां कुछ दंगाई सरकारी संपत्तियों को नुकसान पहुंचाकर ट्रंप को खुश करने की कोशिश में लगे हैं। खानेमेई ने अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप को चेतावनी देते हुए कहा, ‘ट्रंप अपने देश की चिंता करें, ईरान विदेशी दबाव के सामने झुल्काने वाला नहीं है।’

ईरान में खामेनेई के खिलाफ क्यों हो रहे प्रदर्शन?

ईरान में 27 दिसंबर को अली खामेनेई के खिलाफ विरोध प्रदर्शन की शुरुआत हुई. विरोध प्रदर्शन का झंडा सबसे पहले व्यापारियों ने उठाया. महंगाई के खिलाफ व्यापारियों ने पूरे देश में विरोध किया। इसके बाद ईरान में विरोध प्रदर्शन को छात्र और महिलाओं का भी समर्थन मिला।

वर्तमान में ईरान के 46 शहरों में विरोध प्रदर्शन हो रहा है. ईरान के राष्ट्रपति ने प्रदर्शनकारियों को बातचीत करने का ऑफर दिया है. ईरान सरकार ने प्रदर्शन को खत्म करने के लिए हर नागरिक को 7 डॉलर रुपए प्रतिमाह देने की भी घोषणा की है. हालांकि, अब तक प्रदर्शन पर इसका असर नहीं देखने को मिला है।

ईरान इस समय एक ऐसी ऐतिहासिक मोड़ पर खड़ा है जहाँ जनता का आक्रोश और सत्ता की सख्ती आमने-सामने है। खामेनेई की चेतावनी और ट्रंप की सैन्य धमकी ने इस घरेलू विद्रोह को अंतरराष्ट्रीय युद्ध के खतरे में बदल दिया है। आने वाले कुछ घंटे यह तय करेंगे कि ईरान में सुधार की लहर आएगी या दमन का एक नया दौर शुरू होगा। क्या बाहरी दखल ईरान की सत्ता पलट पाएगा या खामेनेई एक बार फिर लोहे के हाथों से इस विद्रोह को कुचल देंगे? दुनिया की नजरें अब तेहरान पर टिकी हैं।

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