उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) ने राज्य की बदलती छवि और शासन प्रणाली को लेकर एक बार फिर कड़ा और आत्मविश्वास से भरा संदेश दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यूपी अब पिछड़ेपन की पहचान नहीं, बल्कि आधुनिक भारत की प्रगति का इंजन बन चुका है।
पिछले सात वर्षों में उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) ने ‘बीमारू राज्य’ की श्रेणी से निकलकर देश की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने का सफर तय किया है। बुनियादी ढांचे (Expressways), बेहतर कानून-व्यवस्था और डिजिटल गवर्नेंस के क्षेत्र में हुए सुधारों ने वैश्विक निवेशकों का ध्यान खींचा है। हाल ही में लखनऊ में आयोजित ‘प्रगति समीक्षा बैठक’ के दौरान सीएम योगी ने अधिकारियों को संबोधित करते हुए राज्य के इस बदलाव को ‘बॉटलनेक से ब्रेकथ्रू’ तक की यात्रा बताया। उन्होंने जोर दिया कि शासन की फाइलों में अटकी रहने वाली योजनाएं अब जमीन पर तेजी से उतर रही हैं।

“रुकावटें खत्म, अब सिर्फ रफ्तार—यही है नए उत्तर प्रदेश की पहचान!”
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक ऐसा जुमला दिया है जो यूपी के प्रशासनिक गलियारों में नई जान फूंक रहा है। उन्होंने कहा कि जो प्रदेश कभी लालफीताशाही और देरी के लिए ‘बॉटलनेक स्टेट’ (Bottle Neck) के रूप में जाना जाता था, आज वही यूपी अपनी बाधाओं को तोड़कर ‘ब्रेकथ्रू स्टेट'(Breakthrough State) बन चुका है। ‘प्रगति’ (Pragati) अब केवल एक शब्द नहीं, बल्कि योगी सरकार की कार्यसंस्कृति का मूल मंत्र है। जब देश के सबसे बड़े राज्य का मुखिया यह कहे कि ‘अब यूपी रुकने वाला नहीं है’, तो समझ लीजिए कि विकास का पहिया अपनी पूरी गति पकड़ चुका है।
https://x.com/i/status/2010987936553316859
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शासन के वरिष्ठ अधिकारियों और मंत्रियों के साथ ‘प्रगति’ डैशबोर्ड की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने यूपी के रूपांतरण को लेकर कई महत्वपूर्ण तथ्य साझा किए
- बॉटलनेक से ब्रेकथ्रू तक: सीएम ने कहा कि पहले यूपी की छवि ऐसी थी जहाँ हर प्रोजेक्ट किसी न किसी ‘बॉटलनेक’ (बाधा) में फंस जाता था। लेकिन आज हमने उन बाधाओं को दूर कर ‘ब्रेकथ्रू’ (बड़ी उपलब्धि) हासिल की है। चाहे वह 500 अरब डॉलर की इकोनॉमी की ओर बढ़ना हो या रिकॉर्ड समय में एक्सप्रेसवे बनाना।
- नई कार्यसंस्कृति (Work Culture): योगी आदित्यनाथ ने ‘प्रगति’ (PRAGATI – Pro-Active Governance And Timely Implementation) को नए भारत की पहचान बताया। उन्होंने कहा कि अब सरकारी काम में ‘कल’ जैसा कोई शब्द नहीं है; हर समस्या का समाधान रीयल-टाइम डेटा के आधार पर हो रहा है।
- उत्तर प्रदेश—निवेश का स्वर्ग: मुख्यमंत्री ने आंकड़े पेश करते हुए बताया कि ई-ऑफिस और पारदर्शिता के कारण यूपी आज ईज ऑफ डूइंग बिजनेस में शीर्ष पर है। उन्होंने कहा, “निवेशक अब यूपी आने से डरते नहीं, बल्कि यहाँ आना अपनी प्राथमिकता मानते हैं।”
- तकनीक का उपयोग: उन्होंने निर्देश दिया कि हर विभाग अपने प्रोजेक्ट्स की ट्रैकिंग के लिए एआई (AI) और डेटा एनालिटिक्स का उपयोग करे, ताकि किसी भी स्तर पर काम न रुके।
- जनता का भरोसा: सीएम ने अंत में कहा कि प्रशासन का हर कदम आम आदमी के जीवन में सुगमता (Ease of Living) लाने वाला होना चाहिए। अगर जनता का काम बिना किसी बाधा के हो रहा है, तो वही असली ‘प्रगति’ है।

मुख्यमंत्री का यह बयान उस समय आया है जब उत्तर प्रदेश में ‘ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी’ के अगले चरण की तैयारियां चल रही हैं, जिसमें लाखों करोड़ के निवेश प्रोजेक्ट्स की शुरुआत होनी है। विशेषज्ञों का मानना है कि सीएम योगी द्वारा ‘प्रगति’ और ‘ब्रेकथ्रू’ जैसे शब्दों का इस्तेमाल यह संकेत देता है कि सरकार अब और भी आक्रामक विकास मॉडल अपनाने वाली है। आने वाले बजट में बुनियादी ढांचे और तकनीक के लिए ऐतिहासिक आवंटन की उम्मीद है, जो यूपी को 1 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के लक्ष्य को और करीब ले जाएगा।









