Bahraich: उत्तर प्रदेश की सड़कों और पुलों को वैश्विक स्तर का बनाने के संकल्प के साथ योगी सरकार एक और बड़ा कदम उठाने जा रही है। बहराइच के गौरव और लाइफलाइन कहे जाने वाले संजय सेतु की सेहत सुधारने के लिए NHAI ने कमर कस ली है। यह मरम्मत सिर्फ एक काम नहीं, बल्कि आने वाले दशकों के लिए आपकी यात्रा को ‘सुपरफास्ट’ और सुरक्षित बनाने की तैयारी है।
Bahraich: महाशिवरात्रि के बाद शुरू होगा ‘महाभियान’
महाशिवरात्रि के पावन पर्व के ठीक बाद, यानी 17 फरवरी से इस पुल की मरम्मत का महाभियान शुरू होने वाला है। अगले दो महीनों के लिए जब विशेषज्ञ इस 42 साल पुराने ढांचे को नई ताकत देंगे, तब हमें थोड़े धैर्य की जरूरत होगी। शासन से अनुमति मिलते ही काम युद्धस्तर पर शुरू कर दिया जाएगा।
मरम्मत कार्य के दौरान आम जनता को असुविधा न हो, इसके लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर घाघरा नदी पर पांटून पुल (पीपा पुल) बनाया जा रहा है। इसके तैयार होने के बाद ही मुख्य पुल को बंद किया जाएगा। (Bahraich)
25,000 वाहनों का सफर होगा सुगम
लखनऊ-बहराइच राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-927) को राज्य का पहला ‘डिजिटल हाईवे’ बनाने की योजना है। इसमें ऑप्टिकल फाइबर केबल के लिए विशेष डक्ट बनाए जाएंगे और भविष्य में इसे 4-लेन में विस्तारित किया जाएगा। यह पुल न केवल बहराइच, बल्कि गोंडा, बलरामपुर, श्रावस्ती और नेपाल सीमा तक जाने वाले यातायात के लिए महत्वपूर्ण है। इसके सुधरने से करीब 25,000 वाहनों का दैनिक आवागमन सुगम और सुरक्षित हो जाएगा।
यह कदम योगी सरकार के विजन 2047 का हिस्सा है, जिसके तहत उत्तर प्रदेश की सड़कों को विश्वस्तरीय (World-class) बनाकर राज्य को देश का ‘ग्रोथ इंजन’ बनाने का लक्ष्य रखा गया है। (Bahraich)









