नोएडा/जेवर: Jewar Airport: उत्तर प्रदेश अब केवल एक्सप्रेसवे का प्रदेश नहीं, बल्कि वैश्विक एविएशन मैप पर एक महाशक्ति बनकर उभर रहा है। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (NIAL), जिसे हम ‘जेवर एयरपोर्ट’ के नाम से जानते हैं, पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लिए एक ‘गेम चेंजर’ साबित होने वाला है। यह केवल एक हवाई अड्डा नहीं, बल्कि दिल्ली-एनसीआर के बुनियादी ढांचे का नया केंद्र है। जब यहाँ से पहली कमर्शियल फ्लाइट उड़ान भरेगी, तो यह न केवल दिल्ली के आईजीआई (IGI) एयरपोर्ट के दबाव को कम करेगा, बल्कि दुनिया के सबसे बड़े और आधुनिक एयरपोर्ट्स की लिस्ट में भारत का नाम सुनहरे अक्षरों में दर्ज करा देगा।
दुनिया का चौथा सबसे बड़ा एयरपोर्ट और अनोखा ‘रेवेन्यू मॉडल’
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का यह ‘ड्रीम प्रोजेक्ट’ Jewar Airport करीब 5,845 हेक्टेयर ज़मीन पर फैला हुआ है। यहाँ 5 से 6 रनवे बनाने की योजना है, जो इसे एशिया का सबसे बड़ा और दुनिया का चौथा सबसे बड़ा एयरपोर्ट बनाएगी। स्विट्जरलैंड की कंपनी ‘ज्यूरिख एयरपोर्ट इंटरनेशनल’ द्वारा निर्मित यह प्रोजेक्ट 100% विदेशी निवेश (FDI) पर आधारित है। सबसे दिलचस्प बात इसका ‘रेवेन्यू मॉडल’ है; यह देश का पहला ऐसा ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट है जहाँ सरकार को हर यात्री पर 400 रुपये से अधिक की निश्चित कमाई होगी। इस सफल मॉडल को देखकर अब कर्नाटक और तमिलनाडु जैसे राज्य भी अपने यहाँ इसे लागू करने की तैयारी कर रहे हैं।
कनेक्टिविटी का महाजाल: मेट्रो, पॉड टैक्सी और एक्सप्रेसवे
Jewar Airport कनेक्टिविटी का हब बनाने के लिए युद्ध स्तर पर काम चल रहा है। इसे सीधे दिल्ली और नोएडा मेट्रो से जोड़ा जा रहा है। साथ ही, एयरपोर्ट को फिल्म सिटी से जोड़ने के लिए भारत की पहली ‘पॉड टैक्सी’ (Pod Taxi) सेवा शुरू करने की तैयारी है। यमुना एक्सप्रेसवे, ईस्टर्न पेरीफेरल और दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे के पास होने के कारण आगरा, मथुरा और अलीगढ़ के लोगों के लिए अब विदेश यात्रा घर के पास जैसी आसान हो जाएगी। यह आईजीआई एयरपोर्ट की लंबी लाइनों और भीड़भाड़ से जूझ रहे मुसाफिरों के लिए एक बेहतरीन और आधुनिक विकल्प बनकर उभरेगा।
तरक्की का इंजन: फिल्म सिटी, कार्गो हब और रोजगार की बहार
Jewar Airport यूपी को दुनिया का ‘फैक्ट्री और एक्सपोर्ट हब’ बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। यहाँ बन रहा विशाल ‘कार्गो हब’ सामान की ढुलाई को सुगम बनाएगा, वहीं पास में बन रही इंटरनेशनल फिल्म सिटी उत्तर भारत का ‘हॉलीवुड’ कहलाएगी। इस पूरे प्रोजेक्ट से सीधे और परोक्ष रूप से लगभग 1 लाख से ज़्यादा लोगों को रोजगार मिलने की उम्मीद है। ज़मीन अधिग्रहण की प्रक्रिया भी यहाँ एक मिसाल बनी, जहाँ 5,428 हेक्टेयर ज़मीन का इंतजाम बिना किसी बड़े विवाद के रिकॉर्ड समय में पूरा किया गया। नोएडा और ग्रेटर नोएडा के रियल एस्टेट सेक्टर में भी इस कारण भारी उछाल देखा जा रहा है।









