Bareilly Violence: उत्तर प्रदेश के बरेली में “आई लव मोहम्मद” पोस्टर विवाद पर भड़की हिंसा के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। मौलाना तौकीर रजा के करीबी और दामाद मोहसिन रजा को गिरफ्तार कर लिया गया है, और उनकी संपत्ति पर बुलडोजर चलाया गया है। मोहसिन रजा का मैरिज लॉन सील कर दिया गया है। नगर निगम की टीम ने उसके घर पर बने अवैध ई-रिक्शा चार्जिंग सेंटर को भी तोड़ दिया, जिसके लिए कोई अनुमति नहीं ली गई थी।
बरेली रेंज के पुलिस उप महानिरीक्षक (डीआईजी ) अजय कुमार साहनी ने बताया कि मौलाना तौकीर के साथ उनके कई साथियों को भी सबूतों के आधार पर जेल भेजा गया है। बंगाल और बिहार के लोगों को भी गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है। इस बात की पुष्टि हो गई है कि यह अचानक हुई प्रतिक्रिया नहीं थी, बल्कि पूर्व नियोजित थी, जिसमें पोस्टर, बैनर आदि कई चीजें पहले से ही एकत्र की गई थीं।
Bareilly Violence: पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई जारी
बरेली हिंसा मामले में पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई जारी है। अब तक 62 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जिनमें मौलाना तौकीर रजा, उनके करीबी डॉ. नफीस और नदीम शामिल हैं। जांच में पता चला है कि मौलाना तौकीर रजा मुसलमानों के रहनुमा बनना चाहते थे और राजनीतिक ताकत दिखाने के लिए हिंसा की साजिश रची गई थी।
150 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त
मौलाना तौकीर रजा को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया है। पुलिस ने तौकीर रजा के करीबियों की करीब 150 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त की है और उनकी बेनामी संपत्तियों पर भी बुलडोजर चलाने की तैयारी है। डॉ. नफीस को गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तार किया गया है। जानकारी के मुताबिक, नदीम ने 55 लोगों से संपर्क कर करीब 1600 लोगों को जुटाया था, जिन्होंने खलील स्कूल तिराहे और पिर श्यामगंज इलाके में हंगामा किया।
Bareilly Violence: आरोप और सबूत
पुलिस ने तौकीर रजा के घर की तलाशी में बड़ी मात्रा में आपत्तिजनक सामग्री बरामद की है। वहीं, नदीम पर आरोप है कि उसने फर्जी हस्ताक्षर कर पत्र जारी किए और पुलिस से छीने गए वायरलेस सेट का इस्तेमाल कर पुलिस की मूवमेंट पर नजर रखी।
निष्पक्ष जांच की मांग
समाजवादी पार्टी का एक प्रतिनिधिमंडल, पूर्व मंत्री भगवत शरण गंगवार के नेतृत्व में डीआईजी से मिला और निष्पक्ष जांच की मांग की। उन्होंने कहा कि निर्दोष लोगों पर कार्रवाई न हो और केवल निष्पक्ष जांच के आधार पर ही कदम उठाए जाएं ।
प्रशासन का रुख सख्त
बरेली प्रशासन ने सीसीटीवी और वीडियोग्राफी के आधार पर उपद्रवियों की पहचान कर गिरफ्तारियां की हैं। अब तक 10 मुकदमे दर्ज किए जा चुके हैं और 29 उपद्रवी जेल भेजे जा चुके हैं। शहर में इंटरनेट सेवा को भी बहाल कर दिया गया है, लेकिन पुलिस सतर्क बनी हुई है। सोशल मीडिया पर नजर रखी जा रही है। अफवाह फैलाने वालों को चिह्नित करने की कार्रवाई होगी।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का बयान
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को बरेली में में हुई हिंसा में शामिल उपद्रवियों की कड़ी आलोचना की और उन्हें पुलिस कार्रवाई की चेतावनी दी। बलरामपुर में एक जनसभा को संबोधित करते हुए सीएम योगी ने बरेली में हुए लाठीचार्ज का हवाला दिया और कहा कि उपद्रवियों से इसी तरह निपटा जाएगा।
सीएम योगी ने कहा कि कुछ लोगों को माहौल खराब करने की इजाजत नहीं दी जानी चाहिए। ये वही लोग हैं जिन्होंने भ्रष्ट सरकारों के साथ मिलकर उत्तर प्रदेश में पहचान का संकट पैदा किया। इन लोगों के कारण राज्य में कोई निवेश या विकास नहीं हुआ। मुख्यमंत्री ने कहा कि अब वे नई रणनीति अपना रहे हैं। लेकिन उन्हें याद रखना चाहिए कि हम उनकी सोच से कहीं अधिक तैयार हैं। उन्हें वैसे ही हराया जाएगा जैसे बरेली में हराया गया। (Bareilly Violence)









