दिल्ली की राजनीति में एक बार फिर मर्यादा और पोस्टरों की जंग छिड़ गई है। आम आदमी पार्टी (AAP) और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के बीच जुबानी जंग अब सड़कों पर पोस्टरों के जरिए एक-दूसरे की घेराबंदी तक पहुँच गई है।
यह विवाद तब शुरू हुआ जब बीजेपी नेता कपिल मिश्रा ने सोशल मीडिया और कुछ पोस्टरों के जरिए आम आदमी पार्टी के शीर्ष नेतृत्व पर तीखा हमला बोला। बीजेपी की ओर से किए गए इस प्रहार में आप सरकार की नीतियों और पुराने बयानों को निशाना बनाया गया था। लेकिन विवाद ने तब तूल पकड़ लिया जब AAP ने इसे ‘धार्मिक गुरुओं’ और ‘आस्था’ के अपमान से जोड़ दिया। AAP का आरोप है कि बीजेपी नेता ने अपने बयानों में ऐसी भाषा का इस्तेमाल किया है।जिससे गुरुओं की गरिमा को ठेस पहुँची है। इसी के जवाब में अब पूरी दिल्ली ‘पोस्टर वॉर’ की गवाह बन रही है।

“दिल्ली की सियासत में छिड़ा ‘गुरु’ युद्ध—क्या पोस्टर तय करेंगे चुनावी मर्यादा?”
जब राजनीति के अखाड़े में नीतियां कम और व्यक्तिगत प्रहार ज्यादा होने लगें, तो समझ लीजिए कि जंग आर-पार की है। बीजेपी के कपिल मिश्रा (Kapil Mishra) के हमले के बाद आम आदमी पार्टी (AAP) ने एक ऐसा दांव खेला है,जिसने सीधे जनता की भावनाओं को छू लिया है। ‘गुरुओं का अपमान नहीं सहेगाहिंदुस्तान’।इस एक नारे के साथ AAP ने बीजेपी को बैकफुट पर धकेलने की कोशिश की है। क्या यह महज एक पोस्टर है या दिल्ली की सत्ता के लिए भावनाओं का नया खेल?
दिल्ली के प्रमुख चौराहों आईटीओ (ITO), कश्मीरी गेट (Kashmiri Gate) और सिविल लाइंस(Civil Line) पर आम आदमी पार्टी द्वारा लगाए गए नए पोस्टरों ने राजनीतिक गर्मी बढ़ा दी है।
कपिल मिश्रा पर सीधा निशाना
AAP ने अपने पोस्टरों में बीजेपी नेता कपिल मिश्रा को सीधे तौर पर आड़े हाथों लिया है। पार्टी का दावा है कि कपिल मिश्रा ने अपने हालिया बयानों में ऐसी टिप्पणियां की हैं जो हमारे पूजनीय गुरुओं और संतों की परंपरा का अपमान करती हैं।

- हिंदुस्तान और भावना कार्ड: AAP के पोस्टरों पर बड़े अक्षरों में लिखा है—”गुरुओं का अपमान नहीं सहेगा हिंदुस्तान।” पार्टी इस मुद्दे को अब ‘धर्म और आस्था’ की लड़ाई बनाकर दिल्ली की गलियों तक ले गई है।
- बीजेपी की सफाई: दूसरी ओर, बीजेपी नेता कपिल मिश्रा ने इन आरोपों को सिरे से खारिज किया है। उनका कहना है कि उन्होंने केवल ‘भ्रष्टाचार’ पर सवाल उठाए थे और AAP जनता का ध्यान भटकाने के लिए ‘गुरुओं के अपमान’ का फर्जी नैरेटिव सेट कर रही है।
- सड़कों पर संग्राम: आज सुबह से ही दिल्ली में दोनों पार्टियों के कार्यकर्ता आमने-सामने हैं। कई जगहों पर बीजेपी के पोस्टरों पर कालिख पोते जाने और AAP के पोस्टरों को फाड़े जाने की खबरें भी सामने आई हैं।
- पुलिस की मुस्तैदी: विवाद बढ़ता देख दिल्ली पुलिस ने कई संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा बढ़ा दी है और अवैध रूप से लगाए जा रहे पोस्टरों को हटाने की कार्रवाई भी शुरू कर दी है।

कपिल मिश्रा ने क्या कहा है?
बीजेपी सरकार में मंत्री कपिल मिश्रा ने दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री आतिशी (Atishi) पर गुरु तेग बहादुर और उनके साथियों की शहादत के अपमान का गंभीर आरोप लगाया है. मिश्रा ने कहा, दिल्ली विधानसभा में गुरु तेग बहादुर, भाई सती दास, भाई मती दास और भाई दयाल की शहादत के 350 साल पूरे होने पर चर्चा चल रही थी। चर्चा के बीच में व्यवधान डालते हुए दिल्ली की नेता प्रतिपक्ष ने बहुत ही भद्दी भाषा बोली। अपशब्दों का इस्तेमाल किया, उस दिन के बाद आतिशी को छुपा दिया गया है।

कपिल मिश्रा ने आगे कहा, “भगवंत जी इस पाप के भागीदार मत बनिए। राजनीति अपनी जगह है, लेकिन गुरु का सम्मान अपनी जगह है। यह बात ऑन रिकॉर्ड है, जिस वक्त दिल्ली की विधानसभा में गुरु तेग बहादुर (Guru Teg Bahdur) जी की शहादत के सम्मान पर चर्चा चल रही थी। उस वक्त अपशब्द का इस्तेमाल किया गया है। वह गुनाह है, वह पाप है। उनको ऑर्डर दिया गया कि तुम भाग जाओ। हम जेल जाने से नहीं डरते हैं। हम चुप नहीं रहेंगे। आतिशी डरो मत, छुपो मत, मीडिया के सामने आओ। जनता के सामने आओ. मिश्रा ने आगे कहा, यह एक पोस्ट है, जो आज हम लोग रिलीज करने जा रहे हैं. मीडिया के सामने और देश की जनता के सामने.”
यह पहली बार नहीं है जब दिल्ली ने ऐसी ‘पोस्टर बाजी’ देखी हो, लेकिन इस बार ‘गुरुओं के सम्मान’ का मुद्दा जुड़ जाने से यह विवाद गहरा गया है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि AAP इस मुद्दे के जरिए हिंदू और सिख मतदाताओं के बीच बीजेपी की छवि को नुकसान पहुँचाना चाहती है। आने वाले दिनों में यह जंग केवल पोस्टरों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि कानूनी नोटिस और पुलिस शिकायतों के दौर तक पहुँचने की पूरी संभावना है।









