उत्तर प्रदेश की राजनीति और तकनीक के संगम से जुड़ी यह बड़ी खबर प्रदेश के युवाओं और स्वास्थ्य ढांचे के लिए गेम-चेंजर साबित होने वाली है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का ‘मिशन एआई’ (Mission AI) यूपी को डिजिटल महाशक्ति बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
उत्तर प्रदेश सरकार पिछले कुछ वर्षों से ‘ई-गवर्नेंस’ और ‘डिजिटल इंडिया’ अभियान को जमीनी स्तर पर उतारने में जुटी है। राशन वितरण में पारदर्शिता लाने के लिए ई-पॉश (e-PoS) मशीनों का सफल प्रयोग और भ्रष्टाचार रोकने के लिए डीबीटी (DBT) के बाद अब सरकार का अगला लक्ष्य आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) है। लखनऊ में आयोजित ‘एआई एंड हेल्थ इनोवेशन कॉन्फ्रेंस’ (AI and Health Innovation Confrence) के दौरान सीएम योगी ने स्पष्ट किया कि तकनीक अब केवल शहरों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि इसका विस्तार गांवों और छोटे कस्बों तक किया जाएगा।

“यूपी के छोटे शहरों से निकलेगा दुनिया का अगला बड़ा टेक-आइडिया!”
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश को ‘एआई हब’ बनाने के लिए 2000 करोड़ रुपये के महा-प्लान का ऐलान कर दिया है। 65 अत्याधुनिक डेटा लैब के साथ, अब यूपी का युवा केवल तकनीक का इस्तेमाल नहीं करेगा, बल्कि उसे बनाएगा भी। जब गांव के अस्पतालों में एआई से बीमारियों की पहचान होगी और छोटे शहरों की लैब से वैश्विक समस्याओं के समाधान निकलेंगे, तब सही मायनों में ‘डिजिटल यूपी’ का सपना साकार होगा। यह मिशन केवल कंप्यूटर तक सीमित नहीं है, यह शासन को ‘रिएक्टिव’ से ‘प्रोएक्टिव’ (Reactive and Proactive) बनाने की एक जंग है।
एआई से स्वास्थ्य नीतियों को अधिक सटीक बनाया जा सकता है
इस मौके पर सीएम योगी ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं में एआई के प्रयोग से स्वास्थ्य नीतियों को अधिक सटीक और प्रभावी बनाया जा सकता है। महामारियों, वेक्टर जनित रोगों के संबंध में डेटा कलेक्शन और उसके फीडबैक से बेहतर निर्णय, बेहतर नीति और बेहतर परिणाम सुनिश्चित किए जा सकते हैं। सरकार स्वास्थ्य सेवाओं में तकनीकी उन्नयन और नई तकनीक के प्रयोग को प्रोत्साहित करती रही है। मेडिकल डिवाइस पार्क, फार्मा पार्क, लखनऊ में मेडिटेक सेंटर ऑफ एक्सीलेंस, गौतम बुद्ध नगर में एआई एंड इनोवेशन आधारित उद्यमिता केंद्र, आईआईटी कानपुर में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस तथा लखनऊ को एआई सिटी के रूप में विकसित करने का कार्य प्रगति पर है। यूपी एआई मिशन के तहत लगभग दो हजार करोड़ के कार्यक्रम अगले तीन वर्षों में चरणबद्ध रूप से लागू किए जाएंगे।

लखनऊ में ‘यूपी एआई मिशन‘ (UP AI Mission) की औपचारिक घोषणा की। इस मिशन के तहत अगले तीन वर्षों में प्रदेश के परिदृश्य को बदलने के लिए निम्नलिखित महत्वपूर्ण कदम उठाए जा रहे हैं।









