CJP Mumbai Protest: मुंबई में राजनीतिक हलचल अपने चरम पर है। 2 अक्टूबर 2026, गांधी जयंती के अवसर पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दिपके (Abhijeet Dipke) मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर मुंबई के प्रसिद्ध शिवाजी पार्क में एक बड़े विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व करने के लिए सीधे प्रोटेस्ट साइट पर पहुंच गए हैं। पुलिस द्वारा अनुमति न दिए जाने के बावजूद, दिपके और उनके समर्थकों ने पीछे हटने से इनकार कर दिया और आंदोलन को ‘जेल भरो आंदोलन’ में बदल दिया है।
CJP Mumbai Protest: विरोध प्रदर्शन की मुख्य वजह
CJP के इस बड़े आंदोलन की मुख्य वजह हाल ही में सामने आई ‘द इंडियन एक्सप्रेस’ की एक खोजी रिपोर्ट है। इस रिपोर्ट में खुलासा हुआ था कि मतदाता सूचियों में नाम हटाने और स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) की प्रक्रिया को लेकर चुनाव आयोग के भीतर गहरे मतभेद और आंतरिक कलह चल रही है। CJP का आरोप है कि चुनाव आयोग स्वतंत्र और निष्पक्ष तरीके से काम नहीं कर रहा है।
अभिजीत दिपके और CJP की चार बड़ी मांगें
प्रोटेस्ट साइट पर मीडिया और समर्थकों को संबोधित करते हुए अभिजीत दिपके और CJP नेताओं ने साफ किया कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होंगी, यह आंदोलन रुकने वाला नहीं है। उनकी चार प्रमुख मांगें हैं।
- भारत के मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार तुरंत अपने पद से इस्तीफा दें।
- स्वतंत्र चुनाव प्रक्रिया में कथित बाधा डालने को लेकर उन पर आपराधिक मुकदमे दर्ज किए जाएं।
- स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) की प्रक्रिया को तुरंत फ्रीज या रोका जाए।
- आगामी चुनाव 2025 की वैध वोटर लिस्ट के आधार पर कराए जाएं और भविष्य में नए CEC का चुनाव एक स्वतंत्र संस्था द्वारा किया जाए, जिसमें नागरिक समाज (Civil Society) की भागीदारी हो। (CJP Mumbai Protest)
हाई-वोल्टेज ड्रामा: हिरासत की ‘फेक न्यूज’ से लेकर सड़कों पर मार्च तक
आंदोलन की शुरुआत से पहले ही मुंबई में भारी राजनीतिक ड्रामा देखने को मिला। 1 अक्टूबर की रात यह खबर तेजी से फैली कि मरीन ड्राइव पर प्लेकार्ड लेकर पहुंचे अभिजीत दिपके को मुंबई पुलिस ने हिरासत में ले लिया है। हालांकि, CJP के प्रवक्ता आशुतोष रांका ने तुरंत इस खबर का खंडन किया और इसे पूरी तरह ‘फेक न्यूज’ करार दिया।
दिपके ने खुद अपनी एक कार सेल्फी सोशल मीडिया पर पोस्ट की और तंज कसते हुए कहा कि “यह खबर उतनी ही झूठी है, जितना मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार द्वारा निष्पक्ष चुनाव कराना”। पुलिस ने सुरक्षा कारणों और साइलेंस जोन नियमों का हवाला देकर दादर के शिवाजी पार्क में भीड़ जुटने की अनुमति नहीं दी थी। इसके बावजूद, दिपके मास्क लगाकर मुंबई की सड़कों का मुआयना करते रहे और तय समय शाम 4 बजे पर शिवाजी पार्क के गेट नंबर 6 के पास पहुंच गए। (CJP Mumbai Protest)
बॉलीवुड और विपक्ष का मिला समर्थन
दिपके के इस आंदोलन को मुंबई में उस समय और बड़ा बल मिला, जब प्रसिद्ध बॉलीवुड अभिनेता नसीरुद्दीन शाह (Naseeruddin Shah) खुद शिवाजी पार्क स्थित प्रोटेस्ट साइट पर पहुंचे और अभिजीत दिपके से मुलाकात कर अपना समर्थन जताया।

इसके साथ ही, महा विकास अघाड़ी (MVA) के नेताओं और खासकर शिवसेना (UBT) के आदित्य ठाकरे ने भी ‘वोट चोरी’ के खिलाफ सड़कों पर उतरने वाले लोगों का नैतिक समर्थन किया है। हालांकि, अभिजीत दिपके ने यह साफ कर दिया है कि CJP किसी भी राजनीतिक दल के बैनर तले नहीं बल्कि एक स्वतंत्र जन-आंदोलन के रूप में काम करेगी और वे विपक्षी दलों के ‘इंडिया ब्लॉक’ (INDIA Bloc) के आधिकारिक विरोध प्रदर्शनों का हिस्सा नहीं बनेंगे। (CJP Mumbai Protest)
आगे की रणनीति: दिल्ली के जंतर-मंतर तक गूंजेगी आवाज
मुंबई प्रेस क्लब में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अभिजीत दिपके ने महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री और गृहमंत्री देवेंद्र फडणवीस को सीधी चुनौती देते हुए कहा, “अगर फडणवीस शिवाजी पार्क में राजनीतिक रैलियां कर सकते हैं, तो लोकतंत्र को बचाने के लिए CJP यहां विरोध प्रदर्शन क्यों नहीं कर सकती? मैं जेल जाने से नहीं डरता, मैं बार-बार वापस आऊंगा।”
CJP ने घोषणा की है कि मुंबई से शुरू हुआ यह प्रोटेस्ट 2.0 यहीं नहीं थमेगा। मुंबई के बाद इस आंदोलन की आग गोवा, बेंगलुरु और कोलकाता जैसे बड़े शहरों में फैलेगी। इस राष्ट्रव्यापी आंदोलन का अंतिम पड़ाव अक्टूबर के अंत में दिल्ली का जंतर-मंतर होगा, जहाँ CJP अनिश्तिचकालीन धरने पर बैठने की तैयारी में है।
शिवाजी पार्क और दादर रेलवे स्टेशन के आसपास मुंबई पुलिस ने भारी बैरिकेडिंग कर रखी है और रैपिड एक्शन फोर्सेज को तैनात किया गया है। तनावपूर्ण माहौल के बीच अभिजीत दिपके का प्रोटेस्ट साइट पर डटे रहना यह संकेत देता है कि आने वाले दिनों में चुनाव आयोग और सरकार के खिलाफ यह लड़ाई और अधिक आक्रामक रूप ले सकती है। (CJP Mumbai Protest)









