Deoria: उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले से एक बेहद चौंकाने वाली और तनावपूर्ण घटना सामने आई है, जहां राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के एक कार्यकर्ता की बेरहमी से पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। यह सनसनीखेज मामला लार थाना क्षेत्र के भीखम छपरा गांव का है। इस वारदात के बाद से पूरे इलाके में भारी आक्रोश और तनाव का माहौल है।
पुलिस प्रशासन ने इस मामले में तत्परता दिखाते हुए कुल 16 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है और कर्तव्य में लापरवाही बरतने के आरोप में थाना प्रभारी (SO) समेत चार पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
Deoria: विवाद की मुख्य वजह और वारदात
यह पूरी घटना 1 अक्टूबर 2026 की शाम को घटित हुई। भीखम छपरा गांव में नई बनी पक्की सड़क पर स्पीड ब्रेकर बनवाने को लेकर दो पक्षों के बीच तीखी बहस शुरू हुई थी। विवाद इतना बढ़ गया कि विरोधी पक्ष के लोगों ने लाठी-डंडों से लैस होकर 50 वर्षीय RSS स्वयंसेवक रामेश्वर तिवारी पर हमला बोल दिया। हमलावरों ने रामेश्वर तिवारी को इतनी बेरहमी से पीटा कि वे गंभीर रूप से घायल हो गए।
घटना के तुरंत बाद परिजन उन्हें इलाज के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) लार लेकर पहुंचे, जहां प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने उनकी नाजुक हालत को देखते हुए जिला अस्पताल देवरिया रेफर कर दिया। हालांकि, अस्पताल ले जाते समय रास्ते में ही उन्होंने दम तोड़ दिया और डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। (Deoria)
16 लोगों पर मुकदमा, 6 नामजद
रामेश्वर तिवारी की मृत्यु के बाद मृतक की पत्नी की शिकायत के आधार पर पुलिस ने कड़ी धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। इस मामले में कुल 16 लोगों को आरोपी बनाया गया है, जिनमें से 6 आरोपी नामजद हैं और अन्य 10 अज्ञात हैं। पुलिस ने फरार आरोपियों की सरगर्मी से तलाश शुरू कर दी है और उनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस की तीन विशेष टीमें गठित की गई हैं जो लगातार विभिन्न ठिकानों पर दबिश दे रही हैं।
पुलिस की लापरवाही पर बड़ा एक्शन, 4 सस्पेंड
इस जघन्य हत्याकांड के बाद स्थानीय पुलिस की कार्यप्रणाली और घोर लापरवाही भी खुलकर सामने आई है। परिजनों का गंभीर आरोप है कि आरोपियों के साथ पैतृक भूमि के ऊपर से बिजली का तार ले जाने और अन्य मसलों को लेकर पहले भी कई बार विवाद हुआ था।
पीड़ित परिवार ने दावा किया कि घटना से करीब 11 दिन पहले भी उन्हें जान से मारने की धमकी मिली थी, जिसकी लिखित शिकायत पुलिस को दी गई थी। लेकिन, पुलिस ने समय रहते कोई ठोस कार्रवाई या मुकदमा दर्ज नहीं किया, जिससे अपराधियों के हौसले बुलंद हो गए और उन्होंने इस हत्याकांड को अंजाम दे दिया। (Deoria)
परिजनों के आक्रोश और शिकायत को गंभीरता से लेते हुए देवरिया के पुलिस अधीक्षक (एसपी) अभिजीत आर. शंकर ने तत्काल प्रभाव से लार के प्रभारी निरीक्षक (SHO) राकेश कुमार सिंह, उपनिरीक्षक (दरोगा) राम मूरत, और दो बीट सिपाही चंद्रभान व प्रीतम भारती को प्रथम दृष्टया दोषी मानते हुए सस्पेंड कर दिया है। पुलिस महकमे में इस बड़ी कार्रवाई से हड़कंप मचा हुआ है।
डीआईजी का दौरा और प्रशासन का आश्वासन
वारदात की गंभीरता को देखते हुए गोरखपुर रेंज के पुलिस उपमहानिरीक्षक (DIG) एस. चनप्पा भी शुक्रवार को भीखम छपरा गांव पहुंचे। उन्होंने पीड़ित परिवार से मुलाकात कर घटना की पूरी जानकारी ली। डीआईजी ने मीडिया और परिजनों को आश्वस्त करते हुए कहा कि अपराधियों के खिलाफ की जाने वाली कार्रवाई समाज में एक नजीर बनेगी और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। (Deoria)
फिलहाल गांव में कानून-व्यवस्था बनाए रखने और किसी भी प्रकार के सांप्रदायिक या स्थानीय टकराव को रोकने के लिए भारी संख्या में पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। पूरे गांव में सन्नाटा और दहशत का माहौल है, लेकिन पुलिस स्थिति पर पूरी तरह नियंत्रण बनाए हुए है।









