CJP Protest: मुंबई की राजनीतिक हवा एक बार फिर गरमा गई है। 2 अक्टूबर 2026 को मुंबई के ऐतिहासिक छत्रपति शिवाजी महाराज पार्क, प्रमुख सड़कों और पार्कों के आसपास अचानक हजारों की संख्या में विवादित पोस्टर दिखाई दिए, जिन पर बड़े अक्षरों में ‘The Illegal Prime Minister’ लिखा हुआ है। इन पोस्टरों के सामने आने के बाद मायानगरी का राजनीतिक पारा चढ़ गया है और प्रशासन समेत विभिन्न दलों में हड़कंप मच गया है।
CJP Protest: कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) का विरोध प्रदर्शन
यह पूरा घटनाक्रम कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) द्वारा आयोजित एक बड़े विरोध प्रदर्शन से जुड़ा है। 2 अक्टूबर को शिवाजी पार्क में इस संगठन द्वारा मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर एक बड़ा प्रदर्शन आयोजित किया गया था। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि मौजूदा लोकतांत्रिक व्यवस्था और चुनावी प्रक्रिया से छेड़छाड़ की जा रही है।
पुलिस और प्रशासन द्वारा शिवाजी पार्क के अंदर प्रदर्शन करने की अनुमति नहीं दी गई थी। इसके बाद CJP के कार्यकर्ताओं और नेताओं ने पार्क के ठीक बाहर एक ट्रक के ऊपर ही अपना अस्थायी मंच सजा लिया। इस मंच और प्रदर्शनकारियों के हाथों में ‘गद्दार ज्ञानू must go, save democracy’ और ‘The Illegal Prime Minister’ जैसे तीखे स्लोगन वाले पोस्टर और बैनर देखे गए। (CJP Protest)
छावनी में बदला शिवाजी पार्क, भारी पुलिस बल तैनात
पोस्टर विवाद और आंदोलन की गंभीरता को देखते हुए मुंबई पुलिस बेहद सतर्क नजर आई। सुबह से ही शिवाजी पार्क और दादर के आसपास के इलाकों में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। स्थिति को नियंत्रित करने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए 700 से अधिक पुलिस कर्मियों की तैनाती की गई। पार्क के सभी प्रमुख द्वारों पर बैरिकेड्स लगा दिए गए थे। भीड़ पर पैनी नजर रखने के लिए विशेष सर्विलांस गाड़ियां और कंट्रोल रूम सक्रिय किए गए थे।
सोशल मीडिया पर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं
मुंबई की सड़कों पर लगे इन पोस्टरों की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर तेजी से वायरल हो रहे हैं। विपक्षी नेताओं और सरकार समर्थकों के बीच तीखी बहस छिड़ गई है। तृणमूल कांग्रेस (TMC) की नेता महुआ मोइत्रा ने इस मुद्दे पर सोशल मीडिया के जरिए केंद्र सरकार पर निशाना साधा और इसे लोकतंत्र को बचाने की लड़ाई करार दिया। (CJP Protest)
दूसरी तरफ, सत्तारूढ़ दल के समर्थकों और आम नागरिकों ने इन पोस्टरों को देश की लोकतांत्रिक संस्थाओं और प्रधानमंत्री पद की गरिमा के खिलाफ एक सोची-समझी साजिश बताया है। कई लोगों का कहना है कि यह केवल राजनीतिक पब्लिसिटी स्टंट है।
बीएमसी (BMC) की कार्रवाई
मुंबई की सड़कों और सार्वजनिक संपत्तियों पर बिना अनुमति के लगाए गए इन हजारों अनधिकृत पोस्टरों को लेकर मुंबई महानगरपालिका (BMC) भी हरकत में आ गई है। सूत्रों के मुताबिक, शहर की सुंदरता को खराब करने और बिना वार्ड ऑफिस की अनुमति के लगाए गए इन अवैध होर्डिंग्स और पोस्टरों को हटाने की कार्रवाई बीएमसी के दस्तों द्वारा शुरू कर दी गई है। (CJP Protest)









