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योगी कैबिनेट का बड़ा फैसला, निजी अस्पतालों में 15 लाख शिक्षकों के लिए कैशलेस इलाज को दी मंजूरी

CM Yogi Approves Cashless Treatment

CM Yogi Approves Cashless Treatment: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में 29 जनवरी 2026 को हुई कैबिनेट बैठक में शिक्षा क्षेत्र के कर्मचारियों के लिए एक ऐतिहासिक निर्णय लिया गया है। इस योजना के तहत शिक्षकों, गैर-शिक्षण कर्मचारियों और उनके आश्रित परिवारों को सरकारी और निजी दोनों अस्पतालों में बिना नकद भुगतान के इलाज की सुविधा मिलेगी।

15 लाख से अधिक शिक्षकों का भविष्य सुरक्षित (CM Yogi Approves Cashless Treatment)

इस योजना से लगभग 15 लाख शिक्षक, गैर-शिक्षण कर्मचारी और उनके आश्रित परिवार लाभान्वित होंगे। इसमें बेसिक और माध्यमिक शिक्षा विभागों के तहत आने वाले सहायता प्राप्त स्कूलों, संस्कृत स्कूलों और स्व-वित्तपोषित संस्थानों के शिक्षक और कर्मचारी शामिल हैं।

इस पहल के तहत, शिक्षकों और कर्मचारियों की एक विस्तृत श्रेणी को कैशलेस इनपेशेंट (IPD) उपचार सुविधाएं प्रदान की जाएंगी। इसमें माध्यमिक शिक्षा विभाग के अंतर्गत सहायता प्राप्त विद्यालयों के शिक्षक और व्यावसायिक विषय विशेषज्ञ, साथ ही मानद शिक्षक भी शामिल हैं। (CM Yogi Approves Cashless Treatment)

कौन-कौन से कर्मचारी होंगे शामिल?

इस योजना का लाभ संस्कृत शिक्षा परिषद और माध्यमिक शिक्षा परिषद द्वारा मान्यता प्राप्त सरकारी और स्व-वित्तपोषित विद्यालयों के कर्मचारियों को भी मिलेगा। इसके अलावा, सरकारी और सरकारी माध्यमिक विद्यालयों में मानदेय पर कार्यरत व्यावसायिक विषय विशेषज्ञ भी अब इस सुविधा के पात्र हैं, और उनके परिवार के सदस्य भी इसका लाभ उठा सकेंगे।

इसके अलावा, यह योजना बुनियादी शिक्षा परिषद के अंतर्गत आने वाले या उससे मान्यता प्राप्त विद्यालयों में कार्यरत पैरा- शिक्षकों, विशेष शिक्षकों और प्रशिक्षकों पर भी लागू होती है, चाहे वे सरकारी सहायता प्राप्त हों या स्व-वित्तपोषित। इस योजना में वार्डन, कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों के पूर्णकालिक और अंशकालिक शिक्षक, प्रधानमंत्री पोषण योजना के अंतर्गत आने वाले रसोइये और उनके आश्रित शामिल हैं। (CM Yogi Approves Cashless Treatment)

11.95 लाख कर्मचारियों को मिलेगा फायदा

माध्यमिक शिक्षा मंत्री गुलाब देवी ने बताया कि इस पहल से 29.7 लाख से अधिक लोगों को लाभ होगा और इस पर अनुमानित 89.25 करोड़ रुपये का व्यय होगा। प्राथमिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह ने बताया कि इस योजना से अकेले प्राथमिक शिक्षा परिषद के 11.95 लाख से अधिक लोगों को लाभ मिलेगा और प्रति कर्मचारी लगभग 3,000 रुपये के प्रीमियम के आधार पर इस पर अनुमानित वार्षिक व्यय 358.61 करोड रुपये होगा।

कुल मिलाकर, इस निर्णय से लगभग 15 लाख शिक्षकों और कर्मचारियों को लाभ होने की उम्मीद है, जिस पर कुल वार्षिक व्यय लगभग 448 करोड़ रुपये होगा। यह सुविधा आयुष्मान भारत (Pradhan Mantri Jan Arogya Yojana) की तर्ज पर लागू की जाएगी, और इसकी दरें नेशनल हेल्थ अथॉरिटी (NHA) के मानकों के अनुरूप होंगी। (CM Yogi Approves Cashless Treatment)

इस योजना का विस्तार शिक्षामित्रों, अनुदेशकों, अंशकालिक शिक्षकों, मानदेय शिक्षकों, व्यावसायिक विशेषज्ञों और कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों के रसोइयों तक भी किया गया है। जो कर्मचारी पहले से ही केंद्र या राज्य सरकार की किसी अन्य स्वास्थ्य योजना (जैसे आयुष्मान भारत या मुख्यमंत्री जन आरोग्य अभियान) के तहत कवर हैं, वे इस नई योजना के पात्र नहीं होंगे।

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