CM Yogi Meet PM Modi: 26 सितंबर 2026 को नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बीच एक महत्वपूर्ण बैठक हुई। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के दो सबसे कद्दावर नेताओं पीएम मोदी और सीएम योगी के बीच आज नई दिल्ली में हुई इस बैठक ने सियासी गलियारों में हलचल तेज कर दी है। प्रधानमंत्री आवास (7 लोक कल्याण मार्ग) पर करीब सवा घंटे तक चली इस मैराथन बैठक को केवल एक शिष्टाचार भेंट नहीं, बल्कि ‘मिशन 2027’ की औपचारिक शुरुआत माना जा रहा है।
CM Yogi Meet PM Modi: 2027 चुनाव की तैयारियों से लेकर संगठनात्मक मुद्दों पर चर्चा
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शनिवार को दिल्ली पहुंचे और सीधे प्रधानमंत्री आवास पर पीएम मोदी से मुलाकात की। सूत्रों के अनुसार, यह बैठक लगभग एक घंटे से अधिक समय तक चली। यह मुलाकात ऐसे समय में हुई है जब उत्तर प्रदेश में राज्यसभा की 10 सीटों और विधान परिषद की 11 सीटों पर चुनाव सिर पर हैं, और पार्टी संगठन 2027 के विधानसभा चुनावों के लिए अपनी कमर कस रहा है।
सूत्रों के मुताबिक, बैठक का सबसे अहम पहलू 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव की तैयारियों की समीक्षा थी। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि पीएम मोदी और सीएम योगी ने राज्य में संगठन और सरकार के बीच बेहतर तालमेल बिठाने पर चर्चा की। चर्चा का केंद्र बूथ स्तर पर भाजपा की पकड़ को और मजबूत करना था। (CM Yogi Meet PM Modi)
राज्य के बदलते जातिगत समीकरणों और विपक्षी दलों की रणनीतियों की काट खोजने पर भी मंथन हुआ। इसके अलावा, आगामी समय में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उत्तर प्रदेश में कई बड़े विकास कार्यों के शिलान्यास और रैलियों के कार्यक्रम प्रस्तावित हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इन कार्यक्रमों की रूपरेखा और तैयारियों का पूरा खाका पीएम के सामने रखा।
पीएम मोदी से मुलाकात के बाद नड्डा समेत वरिष्ठ नेताओं से मिले योगी
प्रधानमंत्री से मिलने के बाद, सीएम योगी ने भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा और अन्य वरिष्ठ नेताओं से भी मुलाकात की। इन मुलाकातों को राज्य मंत्रिमंडल में संभावित विस्तार या फेरबदल की अटकलों से भी जोड़कर देखा जा रहा है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। गृह मंत्री अमित शाह और नितिन नवीन जैसे नेताओं के साथ भी संगठनात्मक मुद्दों पर चर्चा का कार्यक्रम प्रस्तावित था। (CM Yogi Meet PM Modi)
पीएम मोदी-योगी की मुलाकात के बाद यूपी की राजनीति में बढ़ी हलचल
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से ठीक पहले शीर्ष नेतृत्व की इस तरह की सघन बैठकें भाजपा के भीतर ‘मिशन मोड’ की शुरुआत को दर्शाती हैं। पिछले 24 घंटों में यह राज्य की राजनीति को लेकर दूसरी बड़ी गतिविधि है, जिससे साफ है कि दिल्ली से लेकर लखनऊ तक की कमान पूरी तरह से कसी जा रही है। इस बैठक के बाद उत्तर प्रदेश में कुछ प्रशासनिक बदलावों और पंचायत स्तर से लेकर राज्य स्तर तक जातिगत व क्षेत्रीय समीकरणों को साधने के लिए नए चेहरों को जिम्मेदारी दिए जाने की अटकलें भी तेज हो गई हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की यह मुलाकात केवल एक शिष्टाचार भेंट नहीं थी, बल्कि यह उत्तर प्रदेश के प्रशासनिक विकास और भारतीय जनता पार्टी की चुनावी तैयारियों के लिए एक ‘ब्लूप्रिंट’ तैयार करने वाली बैठक साबित हुई है। इस बैठक से मिले निर्देशों के बाद आने वाले दिनों में उत्तर प्रदेश की राजनीति और शासन व्यवस्था में कई बड़े और निर्णायक कदम देखने को मिल सकते हैं। (CM Yogi Meet PM Modi)









