Iran-Israel War: पश्चिम एशिया में बारूद की गंध अब पूरी दुनिया का दम घोंट रही है। ईरान और इजराइल के बीच का संघर्ष अब महज सीमाई झड़प नहीं, बल्कि एक पूर्ण विकसित वैश्विक ऊर्जा युद्ध में तब्दील हो चुका है। ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ से लेकर हाइफा के तट तक, सिर्फ तबाही के निशान दिख रहे हैं।
फिलहाल ईरान ने दावा किया है कि उसके आत्मघाती ड्रोनों ने इजराइल की आर्थिक रीढ़ ‘हाइफा बंदरगाह’ और उसकी ऊर्जा सुविधाओं को सीधे निशाना बनाया है। अगर यह दावा सच है, तो इजराइल की बिजली और रसद आपूर्ति पर इसका गहरा असर पड़ सकता है। (Iran-Israel War)
Iran-Israel War: पेंटागन की जवाबी कार्रवाई
ईरान के इस दुस्साहस का जवाब देने के लिए अमेरिकी सेना ने मोर्चा खोल दिया है। पेंटागन के आदेश पर अमेरिकी लड़ाकू विमानों ने ईरान के मिसाइल उत्पादन केंद्रों को मलबे में तब्दील कर दिया है। साथ ही, समुद्र में माइन (समुद्री सुरंगें) बिछाने वाले ईरानी जहाजों को भी निशाना बनाया गया है ताकि तेल के रास्तों को ब्लॉक होने से बचाया जा सके। (Iran-Israel War)
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज: दुनिया की ‘लाइफलाइन’ अब मौत के साये में
आपको बता दें कि, दुनिया का सबसे महत्वपूर्ण समुद्री रास्ता ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ अब एक जंग का मैदान बन चुका है। इसका सीधा असर आपकी जेब पर पड़ रहा है, जिससे वैश्विक बाजार में तेल की कीमतें रॉकेट की रफ्तार से ऊपर जा रही हैं। और फिलीपींस और पाकिस्तान जैसे देशों में ईंधन की कीमतें ऐतिहासिक रिकॉर्ड स्तर को पार कर चुकी हैं, जिससे वहां की अर्थव्यवस्थाएं ढहने की कगार पर हैं। (Iran-Israel War)
आपको जानकर बड़ी हैरानी होगी कि, यदि ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ पूरी तरह बंद होता है, तो दुनिया $150 प्रति बैरल से ऊपर के तेल की कीमतों के लिए तैयार रहे। यह केवल दो देशों की जंग नहीं, बल्कि वैश्विक आर्थिक मंदी का न्यौता है।









