Krishna Janmashtami 2026: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को मथुरा स्थित ऐतिहासिक श्री कृष्ण जन्मभूमि मंदिर में पूजा-अर्चना की और जन्माष्टमी समारोह में भाग लिया। इस दौरान उन्होंने भक्तों पर फूलों की पंखुड़ियां बरसाकर उनका अभिवादन किया। जन्माष्टमी के अवसर पर मथुरा और ब्रज क्षेत्र में श्रद्धालुओं का उत्साह देखते ही बना।
Krishna Janmashtami 2026: योगी ने कहा- हजारों साल बाद भी प्रासंगिक हैं भगवान कृष्ण के संदेश
मथुरा में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने भगवान श्रीकृष्ण की शिक्षाओं के शाश्वत महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि हजारों वर्ष पहले भगवान कृष्ण द्वारा दिए गए संदेश आज भी समाज और मानवता का मार्गदर्शन कर रहे हैं। सीएम योगी ने कहा कि भगवान कृष्ण की शिक्षाएं अच्छाई की रक्षा और बुराई के विनाश का संदेश देती हैं। उन्होंने कहा कि भारत की राष्ट्रीय एकता, अखंडता और आस्था को नुकसान पहुंचाने या समाज में विभाजन पैदा करने वाली ताकतों को अंततः अपने कृत्यों का परिणाम भुगतना होगा।
मुख्यमंत्री ने कहा, “भगवान कृष्ण द्वारा 5000 वर्ष पूर्व की गई घोषणाएं आज भी उतनी ही प्रासंगिक हैं। इनकी प्रासंगिकता ‘परित्राणाय साधुनां विनाशाय च दुष्कृतम्’ के सिद्धांत से सिद्ध होती है। जहां भी अच्छाई की शक्तियां विद्यमान हैं, उनकी हर परिस्थिति में रक्षा की जाएगी। वहीं, राष्ट्र-विरोधी और समाज-विरोधी शक्तियां जो समाज में फूट डालने तथा भारत की एकता, अखंडता या आस्था को क्षति पहुंचाने का प्रयास करती हैं, उनके बारे में भगवान कृष्ण ने 5000 वर्ष पहले ही उनके परिणाम की घोषणा कर दी थी।” (Krishna Janmashtami 2026)
सनातन धर्म का जिक्र कर बोले- मिटाने वाले खुद हो गए विस्मृत
योगी आदित्यनाथ ने भारत की सांस्कृतिक विरासत और सनातन धर्म की निरंतरता का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि देश ने इतिहास में अनेक आक्रमणों और विभिन्न धार्मिक परंपराओं को थोपने के प्रयासों का सामना किया, लेकिन सनातन धर्म अपनी जीवंतता बनाए रखने में सफल रहा। उन्होंने कहा, “अनेक आक्रमण हुए और कई लोगों ने भारत पर अपने-अपने धर्म थोपने का प्रयास किया, फिर भी कोई भी सनातन धर्म को मिटा नहीं सका। जिन लोगों ने सनातन धर्म को मिटाने का दुस्साहस किया, वे स्वयं धूल में मिल गए और विस्मृति में विलीन हो गए। हालांकि, न केवल ब्रजभूमि में बल्कि पूरे भारत में श्रीकृष्ण और राधा रानी की स्मृति आज भी हमारे लिए प्रेरणा का स्रोत है और आने वाली पीढ़ियों के लिए उत्साह एवं प्रगति का वातावरण संजोए हुए है।”
जन्माष्टमी के अवसर पर भगवान श्रीकृष्ण की जन्मभूमि मथुरा को रंग-बिरंगी रोशनी और विशेष सजावट से सजाया गया। मंदिरों और प्रमुख धार्मिक स्थलों पर विशेष आयोजन किए गए, जहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु पूजा-अर्चना और धार्मिक अनुष्ठानों में शामिल हुए। (Krishna Janmashtami 2026)
PM मोदी ने दी जन्माष्टमी की शुभकामनाएं, निस्वार्थ कर्म की शिक्षा का किया जिक्र
इसी अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी देशवासियों को जन्माष्टमी की शुभकामनाएं दीं। सोशल मीडिया मंच एक्स पर एक पोस्ट में प्रधानमंत्री ने भगवान कृष्ण की शिक्षाओं, विशेषकर निस्वार्थ कर्म के संदेश का जिक्र किया। प्रधानमंत्री मोदी ने लिखा, “आप सभी को जन्माष्टमी की हार्दिक शुभकामनाएं। भगवान श्री कृष्ण के दिव्य संदेशों में निस्वार्थ कर्म की गहरी प्रेरणा निहित है, जिसने निरंतर मानवता का मार्गदर्शन किया है। उनकी भक्ति और पूजा को समर्पित यह पवित्र अवसर सभी के जीवन में सकारात्मक ऊर्जा और शक्ति का संचार करे—यही मेरी हार्दिक कामना है। जय श्री कृष्ण!”
कृष्ण जन्मभूमि से दिल्ली के इस्कॉन मंदिरों तक भक्तिमय हुआ माहौल
कृष्ण जन्माष्टमी, जिसे जन्माष्टमी या गोकुलाष्टमी के नाम से भी जाना जाता है, भगवान विष्णु के आठवें अवतार श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव के रूप में मनाई जाती है। हिंदू चंद्र-सौर पंचांग के अनुसार यह भाद्रपद महीने के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को पड़ती है, जो आमतौर पर अगस्त या सितंबर में आती है। देशभर में श्रद्धालु धार्मिक उत्साह के साथ जन्माष्टमी मना रहे हैं। मंदिरों में मंगला आरती, विशेष पूजा और अन्य धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन किया गया, जिनमें बड़ी संख्या में भक्तों ने भाग लिया। (Krishna Janmashtami 2026)
राजधानी दिल्ली में ईस्ट ऑफ कैलाश और द्वारका सेक्टर-13 स्थित इस्कॉन मंदिरों में भी जन्माष्टमी के अवसर पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। भक्तों ने मंगला आरती में हिस्सा लिया, भगवान कृष्ण की पूजा की और भक्ति में लीन होकर उत्सव मनाया। मथुरा के श्री कृष्ण जन्मभूमि मंदिर में भी जन्माष्टमी का उत्सव पूरे धार्मिक उत्साह के साथ जारी रहा। श्रद्धालुओं ने मंगला आरती और विशेष प्रार्थनाओं में भाग लिया। कई स्थानों पर भक्तों ने भजन-कीर्तन और नृत्य के माध्यम से भगवान कृष्ण के प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त की।
मथुरा में शहरभर के मंदिरों में श्रद्धालुओं की भीड़ के कारण वातावरण पूरी तरह भक्तिमय नजर आया। जन्माष्टमी के धार्मिक समारोहों, पूजा-पाठ और विभिन्न अनुष्ठानों में लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। देश के अलग-अलग हिस्सों में भी मंदिरों और धार्मिक स्थलों पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के जुटने से त्योहार का माहौल उत्साह और भक्ति से सराबोर रहा। (Krishna Janmashtami 2026)









