Meerut: उत्तर प्रदेश के मेरठ में एक बड़ी कार्रवाई करते हुए पुलिस और आईटीसी (ITC) कंपनी की संयुक्त टीम ने नकली सिगरेट बनाने वाली एक हाईटेक फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया है। मेरठ के हस्तिनापुर थाना क्षेत्र के दूधली खादर गांव में चल रहे इस अवैध कारखाने में देश की प्रतिष्ठित कंपनी ITC Limited के नामी ब्रांड्स की हूबहू नकली सिगरेट तैयार की जा रही थीं। पुलिस की इस छापेमारी में करीब तीन करोड़ रुपये मूल्य का तैयार माल, कच्चा माल और मशीनें बरामद की गई हैं। मामले में मुख्य आरोपी और दिल्ली निवासी मास्टरमाइंड रवि किशोर को गिरफ्तार कर लिया गया है।
Meerut: स्कूल और गौशाला की आड़ में चल रहा था अवैध धंधा
यह गैर-कानूनी फैक्ट्री बेहद शातिराना तरीके से एक पुराने स्कूल भवन में चलाई जा रही थी, जो सरकारी गौशाला और मशरूम की खेती के नजदीक स्थित थी। बाहर से देखने पर किसी को भी भनक नहीं लग सकती थी कि अंदर करोड़ों रुपये का अवैध कारोबार फल-फूल रहा है। पुलिस के अनुसार रवि किशोर पिछले छह माह से हस्तिनापुर के दूधली खादर में पुराने स्कूली भवन में सिगरेट बनाने का कारखाना चला रहा था। इस परिसर के भीतर ही दो दर्जन से अधिक बाहरी मजदूरों के रहने और खाने की भी पूरी व्यवस्था की गई थी ताकि वे बाहर न जाएं और राज सुरक्षित रहे।

कंबोडिया से कच्चा माल और रोजाना 50 लाख की सिगरेट
पूछताछ के दौरान यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि नकली सिगरेट बनाने के लिए अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर तस्करों का सहारा लिया जा रहा था। गिरोह द्वारा सिगरेट बनाने का मुख्य कच्चा माल कंबोडिया से और तंबाकू विशेष रूप से राजस्थान से मंगवाया जाता था। फैक्ट्री के अंदर बड़े पैमाने पर ऑटोमैटिक मशीनें स्थापित थीं। पुलिस के अनुसार, फैक्टरी में आईटीसी कंपनी के नाम से रोजाना करीब 50 लाख रुपये कीमत की नकली सिगरेट तैयार कर देश के अलग-अलग राज्यों में सप्लाई की जाती थी। यह सिगरेट उत्तर प्रदेश के अलावा दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र के बाजारों में खपाई जा रही थी। (Meerut)
इन मशहूर ब्रांड्स की बनाई जा रही थी नकली सिगरेट
कारखाने में ITC कंपनी के प्रीमियम और सबसे ज्यादा बिकने वाले सिगरेट ब्रांड्स की हूबहू कॉपी (काउंटरफीट) तैयार की जा रही थी।
- गोल्ड फ्लेक (Gold Flake)
- क्लासिक (Classic)
- विल्स नेवी कट (Wills Navy Cut)
- इंडिया किंग्स (India Kings)
- इंसिग्निया (Insignia)
- सिजर्स (Scissors)
- प्लैटर्स (Players) और ब्रिस्टल (Bristol)
ऐसे हुआ इस बड़े सिगरेट नेटवर्क का पर्दाफाश
इस पूरे गिरोह का भंडाफोड़ होने की कहानी भी काफी दिलचस्प है। पिछले कुछ समय से बाजार में नकली उत्पाद आने के कारण ब्रांडेड कंपनी की वास्तविक बिक्री प्रभावित हो रही थी। इसके बाद आईटीसी कंपनी के अधिकारियों ने निजी स्तर पर एक महीने तक गुप्त रेकी और जांच पड़ताल की। कंपनी की टीम ने सबसे पहले दिल्ली के सदर बाजार में एक संदिग्ध कंटेनर को ट्रेस किया। कंटेनर से मिले सुरागों का पीछा करते हुए कंपनी के मैनेजर और जांच टीम मेरठ के हस्तिनापुर खादर इलाके में पहुंच गए। सटीक इनपुट मिलने के बाद और स्थानीय पुलिस की मदद से दूधली गांव के इस ठिकाने पर दबिश दी गई। (Meerut)
करोड़ों की बरामदगी और कानूनी कार्रवाई
गुरुवार देर रात हुई इस अचानक छापेमारी से फैक्ट्री में हड़कंप मच गया। टीम ने मौके से चार कामगारों को सिगरेट बनाते हुए रंगे हाथों पकड़ा। पुलिस टीम द्वारा दी गई आधिकारिक जानकारी के मुताबिक, मौके से करीब डेढ़ करोड़ रुपये की तैयार सिगरेट और लगभग इतनी ही कीमत का कच्चा माल व मशीनें जब्त की गई हैं। हस्तिनापुर थाने में इस संबंध में आईपीसी और कॉपीराइट एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमा पंजीकृत किया गया है।
पुलिस अब पकड़े गए मुख्य आरोपी रवि किशोर से पूछताछ कर रही है ताकि इस सिगरेट नेटवर्क से जुड़े लोकल सप्लायरों, डिस्ट्रीब्यूटरों और कंबोडिया-राजस्थान के कड़ियों का पता लगाया जा सके। इस बड़ी रिकवरी को उत्तर प्रदेश में नकली और स्वास्थ्य के लिए अत्यधिक घातक अवैध तंबाकू उत्पादों के खिलाफ एक बड़ी सफलता माना जा रहा है। (Meerut)









