Kuno National Park: मध्य प्रदेश के कुनो नेशनल पार्क से एक और खुशखबरी सामने आई है। दक्षिण अफ्रीकी मादा ‘चीता गामिनी’ ने पिछले 18 फरवरी को जिन शावकों को जन्म दिया था, उसकी संख्या तीन के बजाय 4 है। इस बात की पुष्टि केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने की है।
दक्षिण अफ्रीकी मादा चीता ‘गामिनी’ के चौथे शावक के जन्म की आधिकारिक पुष्टि की है। शुरुआत में गामिनी 3 शावकों के साथ दिखी थी, लेकिन मॉनिटरिंग टीमों की निगरानी के दौरान उसके कुल 4 शावक सामने आए हैं। भारत की धरती पर चीता गामिनी दूसरी बार मां बनी है।
Kuno National Park: मादा चीता गामिनी ने चौथे शावक को दिया जन्म
केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने सोशल मीडिया एक्स पर पोस्ट शेयर करते हुए बताया कि कुनो राष्ट्रीय उद्यान को यह घोषणा करते हुए खुशी हो रही है कि मादा चीता गामिनी (Cheetah Gamini) ने चौथे शावक को जन्म दिया है। क्षेत्र और पशु चिकित्सा टीमों द्वारा गहन निगरानी के दौरान चौथे शावक की उपस्थिति की पुष्टि हुई।
उन्होंने बताया कि चारों शावक फिलहाल स्वस्थ हैं और उनकी सेहत अच्छी है। यह घटनाक्रम ‘प्रोजेक्ट चीता’ के तहत वैज्ञानिक प्रबंधन और संरक्षण के प्रति निरंतर प्रतिबद्धता को दर्शाता है और भारत में चीतों के पुनर्वास की दिशा में एक और सकारात्मक कदम है। मंत्री ने आगे बताया कि भारत में चीतों की संख्या अब 39 है, जिसमें भारत में जन्मे 28 शावक शामिल हैं। (Kuno National Park)
कुनो में चीता संरक्षण की दिशा में एक और कदम
18 फरवरी को यादव ने कुनो राष्ट्रीय उद्यान में दक्षिण अफ्रीकी चीता गामिनी के तीन शावकों के जन्म की घोषणा की। केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने एक्स पर पोस्ट किया कि कुनो से एक और खुशखबरी! कुनो में तीन नए शावकों का स्वागत हुआ है – दक्षिण अफ्रीका से चीतों के आगमन के 3 साल पूरे होने के उपलक्ष्य में कुनो में एक नया अध्याय शुरू हुआ है। कुनो राष्ट्रीय उद्यान में उत्सव की गूंज सुनाई दे रही है क्योंकि दक्षिण अफ्रीकी चीता, गामिनी, जो दूसरी बार मां बनी है, ने 3 नए शावकों को जन्म दिया है। (Kuno National Park)
इस बीच, ‘प्रोजेक्ट चीता’ भारत की विश्व की पहली अंतरमहाद्वीपीय स्थानांतरण परियोजना है, जिसे 17 सितंबर, 2022 को शुरू किया गया था। इस परियोजना का उद्देश्य भारत में चीते की प्रजाति को पुनः स्थापित करना है, जो 1952 में देश से विलुप्त हो गई थी।









