“वोट चोरी से कभी सीटें चुराई जाती हैं, कभी पूरी सरकार…”, असम और बंगाल में भाजपा की बड़ी जीत पर राहुल गांधी

Rahul Gandhi

Rahul Gandhi: असम और पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों में भाजपा की ऐतिहासिक जीत के बाद, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने वोट चोरी के आरोप को दोहराते हुए भाजपा सांसदों और विधायकों को घुसपैठिए करार दिया है। कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि लोकसभा में भाजपा के हर छठे सांसद ने वोट चोरी के जरिए चुनाव जीता है। उन्होंने कहा कि हरियाणा में, जहां कांग्रेस ने 2024 के विधानसभा चुनाव बड़ी मुश्किल से हारे, वहां की पूरी सरकार घुसपैठियों की उपज है।

Rahul Gandhi: राहुल गांधी के ‘वोट चोरी’ आरोपों की नई धार

राहुल गांधी ने कहा, ‘वोटों की चोरी से कभी सीटें छीनी जाती हैं, कभी पूरी सरकारें। लोकसभा में भाजपा के 240 सांसदों में से लगभग हर छठा सांसद वोटों की चोरी से जीता है। उन्हें पहचानना मुश्किल नहीं है – क्या हमें भाजपा की अपनी भाषा में उन्हें ‘घुसपैठिए’ कहना चाहिए? और हरियाणा? वहां तो पूरी सरकार ही ‘घुसपैठिए’ है।’

राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार पर समझौतावादी होने का आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार खुद ही दूर से नियंत्रित है और सच से डरती है। उन्होंने कहा, ‘जो लोग संस्थाओं को अपने इशारों पर चलाते हैं, जो मतदाता सूचियों और चुनावी प्रक्रिया में हेरफेर करते हैं – वे खुद ‘दूर से नियंत्रित’ होते हैं। उनका असली डर सच्चाई है। क्योंकि अगर निष्पक्ष चुनाव होते, तो आज भी वे 140 सीटें नहीं जीत पाते।’

हरियाणा से लेकर लोकसभा तक: आरोपों का विस्तार

राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने भाजपा सरकार पर बार-बार वोट चोरी के आरोप लगाए हैं। 2024 के हरियाणा विधानसभा चुनाव के बाद उन्होंने अपने आरोपों को और तेज़ कर दिया, जिसमें कांग्रेस को करारी हार का सामना करना पड़ा और उसे केवल 37 सीटें मिलीं, जबकि मौजूदा भाजपा सरकार ने 90 सदस्यीय विधानसभा में 48 सीटें जीतीं। कांग्रेस ने जनता के जनादेश को खारिज करते हुए वोट चोरी का आरोप लगाया और इसके लिए आंतरिक सर्वेक्षणों और एग्जिट पोल का हवाला दिया।

लोकसभा सांसद ने मतदाता सूचियों में अनियमितताओं को उजागर करते हुए कई प्रेस कॉन्फ्रेंस भी कीं और इसे मत चोरी से जोड़ा। हालांकि, मतदान प्राधिकरण की बार-बार मांग के बावजूद उन्होंने अपने दावों के समर्थन में चुनाव आयोग को कोई लिखित घोषणा पेश नहीं की।

असम और बंगाल में भाजपा की बड़ी जीत का असर

पश्चिम बंगाल और असम विधानसभा चुनावों में भाजपा की निर्णायक जीत के बाद आरोपों का यह नया दौर शुरू हुआ है। भाजपा ने पश्चिम बंगाल में 206 सीटें जीतकर राज्य में ऐतिहासिक जीत दर्ज की, जो 2021 के विधानसभा चुनावों में उसकी 77 सीटों की जीत से कहीं अधिक है। तृणमूल कांग्रेस, जिसने पिछले विधानसभा चुनाव में 212 सीटें जीतकर शानदार जीत हासिल की थी, 80 सीटों के साथ दूसरे स्थान पर रही। (Rahul Gandhi)

वहीं, असम में भाजपा ने 82 सीटें जीतीं, जबकि उसके सहयोगी दलों, बोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट और असम गण परिषद ने 10-10 सीटें हासिल कीं। वहीं कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों को केवल 21 सीटें ही मिलीं।


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