Maharashtra TET Paper Leak: एकनाथ शिंदे बोले- मास्टरमाइंड पर लगेगा MCOCA, दोषियों को नहीं मिलेगी रियायत ‘ऑपरेशन सिंदूर’ पर नया सियासी संग्राम, विपक्ष ने सरकार से मांगा जवाब; कहा- राजनाथ सिंह ने संसद को किया गुमराह राम मंदिर दान विवाद पर सियासत तेज, अखिलेश ने BJP पर लगाए गंभीर आरोप; बोले- ‘धन पहले, आस्था बाद में’ पेपर लीक की आशंका के बीच महाराष्ट्र TET 2026 परीक्षा स्थगित, 4.28 लाख अभ्यर्थी प्रभावित गोरखपुर में भाजपा के प्रशिक्षण मेगा-अभियान का शुभारंभ, CM योगी ने गिनाईं मोदी सरकार की उपलब्धियां Trump Tariff: ट्रंप की चेतावनी! डिजिटल टैक्स लगाने वाले देशों पर 100% टैरिफ लागू करने की घोषणा, EU को मुख्य निशाना बनाते हुए सख्त रुख
Maharashtra TET Paper Leak: एकनाथ शिंदे बोले- मास्टरमाइंड पर लगेगा MCOCA, दोषियों को नहीं मिलेगी रियायत ‘ऑपरेशन सिंदूर’ पर नया सियासी संग्राम, विपक्ष ने सरकार से मांगा जवाब; कहा- राजनाथ सिंह ने संसद को किया गुमराह राम मंदिर दान विवाद पर सियासत तेज, अखिलेश ने BJP पर लगाए गंभीर आरोप; बोले- ‘धन पहले, आस्था बाद में’ पेपर लीक की आशंका के बीच महाराष्ट्र TET 2026 परीक्षा स्थगित, 4.28 लाख अभ्यर्थी प्रभावित गोरखपुर में भाजपा के प्रशिक्षण मेगा-अभियान का शुभारंभ, CM योगी ने गिनाईं मोदी सरकार की उपलब्धियां Trump Tariff: ट्रंप की चेतावनी! डिजिटल टैक्स लगाने वाले देशों पर 100% टैरिफ लागू करने की घोषणा, EU को मुख्य निशाना बनाते हुए सख्त रुख

Raj Thackeray VS Annamalai: MNS चीफ की धमकी पर अन्नामलाई की दो टूक, कहा-‘मैं मुंबई आ रहा हूं, काटिए मेरे पैर…’,

महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) के प्रमुख राज ठाकरे और तमिलनाडु भाजपा के कद्दावर नेता के. अन्नामलाई के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है। चेन्नई में मीडिया से बात करते हुए अन्नामलाई ने सवाल किया कि उन्हें धमकाने वाले आदित्य ठाकरे या राज ठाकरे कौन होते हैं। उन्होंने गर्व से खुद को एक किसान का बेटा बताया और कहा कि वे ऐसी धमकियों से डरने वाले नहीं हैं।

राजनीति के मैदान में जब दो कट्टरपंथी और मुखर चेहरे आमने-सामने हों, तो शब्दों के बाण तीखे होना लाज़मी है। हाल ही में राज ठाकरे ने बीजेपी नेता के. अन्नामलाई की तुलना ‘रसमलाई’ से कर उनके कद को कम आंकने की कोशिश की, लेकिन तमिलनाडु के इस ‘सिंघम’ ने अपनी चिरपरिचित शैली में ऐसा पलटवार किया है। जिसने सियासी गलियारों में हलचल मचा दी है। अन्नामलाई ने साफ कर दिया कि वे डरकर पीछे हटने वालों में से नहीं हैं; अगर उनमें चुनौतियों से लड़ने का जज्बा न होता, तो वे आज भी अपने गांव की गलियों में शांत जीवन बिता रहे होते, न कि देश की सबसे कठिन राजनीतिक पिचों पर चौके-छक्के लगा रहे होते।

यह विवाद तब शुरू हुआ जब राज ठाकरे ने एक जनसभा के दौरान दक्षिण भारतीय राजनीति और भाजपा के विस्तार पर टिप्पणी करते हुए अन्नामलाई के नाम का मजाक उड़ाया। ठाकरे का इशारा था कि अन्नामलाई केवल मीडिया की सुर्खियों में हैं और जमीनी हकीकत ‘रसमलाई’ जैसी नरम है।

राज ठाकरे ने अन्नामलाई को बताया था रसमलाई

इससे पहले मुंबई में UBT-MNS की संयुक्त रैली में राज ठाकरे ने अन्नामलाई पर निशाना साधा था। ठाकरे ने अन्नामलाई द्वारा मुंबई को अंतरराष्ट्रीय शहर बताने पर नाराजगी जताई थी। राज ठाकरे ने कहा था,  एक रसमलाई तमिलनाडु से आए थे, तुम्हारा यहां क्या संबंध है? ठाकरे ने 1960-70 के शिवसेना के नारे ‘हटाओ लुंगी बजाओ पुंगी’ को भी दोहराया था। राज ठाकरे ने पूछा था, क्या अन्नामलाई को मुंबई के मुद्दे पर बोलने का कोई अधिकार है?

मेरे पैर काटने की धमकी दी गई- अन्नामलाई

अन्नामलाई ने आरोप लगाया कि उन्हें कई धमकियां मिल रही हैं। उनके पैर काटने की धमकी दी। उन्होंने कहा, कुछ लोगों ने लिखा है कि अगर मैं मुंबई आया तो वे मेरे पैर काट देंगे। मैं मुंबई आऊंगा, मेरे पैर काटने की कोशिश करो। अगर मैं ऐसी धमकियों से डरता तो अपने गांव में ही रहता। उन्होंने कहा, अगर मैं कहूं कि कामराज भारत के महानतम नेताओं में से एक हैं, तो क्या इसका मतलब यह है कि वे अब तमिल नहीं रहे? अगर मैं कहूं कि मुंबई अंतरराष्ट्रीय शहर है, तो क्या इसका मतलब यह है कि इसे महाराष्ट्रियों ने नहीं बनाया? ये लोग सरासर अज्ञानी हैं।

पृष्ठभूमि का हवाला: उन्होंने कहा कि एक साधारण किसान परिवार से निकलकर IPS बनने और फिर राजनीति के कांटों भरे सफर को चुनना ‘रसमलाई’ जैसा नरम काम नहीं है।

डर का अभाव: अन्नामलाई ने स्पष्ट किया, “अगर मुझे डर लगता या मैं केवल नाम के लिए राजनीति में होता, तो मैं अपने गांव में खेती कर रहा होता। मैं यहाँ लड़ने के लिए हूँ, डरने के लिए नहीं।”

यह जुबानी जंग केवल दो नेताओं की नहीं, बल्कि उत्तर और दक्षिण के राजनीतिक दृष्टिकोणों के बीच के टकराव को भी दर्शाती है, जहाँ भाजपा दक्षिण में अपनी जड़ें जमाने के लिए आक्रामक रुख अपनाए हुए है। राज ठाकरे का ‘रसमलाई’ वाला तंज शायद एक मजाकिया कटाक्ष रहा हो, लेकिन अन्नामलाई ने इसे अपनी बहादुरी और संघर्ष की कहानी से जोड़कर एक बड़े ‘मास्टरस्ट्रोक’ में बदल दिया है। राजनीति में नाम और पहचान की यह लड़ाई आने वाले चुनावों में क्या मोड़ लेती है, यह देखना दिलचस्प होगा। फिलहाल, अन्नामलाई के इस जवाब ने यह साबित कर दिया है कि वे केवल पद के दावेदार नहीं, बल्कि एक अडिग योद्धा की तरह मैदान में डटे हैं।

Comments are closed.

और पढ़ें