UP Election 2027: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर समाजवादी पार्टी (सपा) के मुखिया अखिलेश यादव ने एक बड़ा सियासी दांव चल दिया है। उन्होंने आगामी चुनावों के लिए पार्टी की रणनीति का खुलासा करते हुए दावा किया है कि सपा सूबे की हर विधानसभा सीट पर 27 हजार नए वोट जोड़ने के लक्ष्य पर काम कर रही है। उन्होंने दावा किया कि इससे भाजपा के वोटों में भी इतनी ही कमी आएगी।
UP Election 2027: सपा में बड़े नेताओं की एंट्री के संकेत, महिला-किसान एजेंडे पर जोर
इसके साथ ही, उन्होंने विपक्षी खेमों में हलचल तेज करते हुए संकेत दिए हैं कि नवरात्र के दौरान कई बड़े नेता समाजवादी पार्टी में शामिल हो सकते हैं। उन्होंने महिलाओं के लिए 40 हजार रुपये की पेंशन के साथ कारोबार शुरू करने के लिए दो लाख रुपये देने की बात कही। वहीं, किसानों को एथनॉल और चीनी उद्योग से होने वाले मुनाफे में हिस्सेदारी देने का भी वादा किया।
हालांकि, एक तरफ जहां पार्टी नए गठबंधन और सांगठनिक विस्तार में जुटी है, वहीं दूसरी तरफ जमीनी स्तर पर अनुशासनहीनता के खिलाफ सख्त कदम भी उठाए जा रहे हैं। इसी कड़ी में एटा और कासगंज के नेताओं के बीच हुए आंतरिक विवाद के बाद दोनों जिलों की पार्टी इकाइयों को तत्काल प्रभाव से भंग कर दिया गया है।
बाबा साहब की प्रतिमाओं को नुकसान पहुंचाने का लगाया आरोप
रविवार को पार्टी मुख्यालय में प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत में अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि पिछले 10 वर्षों में प्रदेश का हर वर्ग परेशान है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार के कार्यकाल में बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर की 151 से अधिक प्रतिमाओं को क्षतिग्रस्त किया गया। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश के 72 जिलों में प्रतिमाओं को नुकसान पहुंचाने की घटनाएं सामने आईं और हर वर्ष 15 से अधिक प्रतिमाएं क्षतिग्रस्त हुईं। (UP Election 2027)
उनके मुताबिक, 14 मामलों में गिरफ्तारियां हुईं, 45 मामलों में अज्ञात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई, आठ मामलों में नामजद रिपोर्ट दर्ज हुई, जबकि 84 मामलों में कोई कानूनी कार्रवाई नहीं हुई। अखिलेश यादव ने कहा कि समाजवादी पार्टी की सरकार बनने पर बाबा साहब की प्रतिमाओं को पूरा सम्मान दिया जाएगा।
कंटेंट क्रिएटर्स और सोशल मीडिया को लेकर भाजपा पर निशाना
सपा प्रमुख ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार कंटेंट क्रिएटर्स को रोजगार देने के नाम पर अपने पक्ष में इस्तेमाल कर रही है। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर उनके खिलाफ आपत्तिजनक वीडियो बनाए जा रहे हैं, जबकि सपा की ओर से बनाए गए वीडियो में गरिमा का ध्यान रखा जाता है। उन्होंने भाजपा पर सपा को बदनाम करने के लिए 50 हजार करोड़ रुपये खर्च करने का आरोप भी लगाया और कहा कि विपक्ष के खिलाफ इस तरह का प्रचार राजनीति का हिस्सा नहीं होना चाहिए। (UP Election 2027)
पेपर लीक और आरक्षण के मुद्दे पर सरकार को घेरा
अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश में पेपर लीक के मामलों को लेकर भी भाजपा सरकार पर हमला बोला। उन्होंने दावा किया कि देश में सबसे ज्यादा पेपर लीक उत्तर प्रदेश में हुए हैं। उन्होंने कहा कि आरक्षण से बचने के लिए लेटरल एंट्री और आउटसोर्सिंग के माध्यम से भर्तियां की जा रही हैं। साथ ही आरोप लगाया कि पीडीए (पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक) वर्ग से आने वाले अधिकारियों को महत्वपूर्ण तैनाती नहीं दी जाती। उन्होंने चुनाव संबंधी कार्यों में पीडीए समाज के अधिकारियों की भागीदारी को लेकर भी सवाल उठाया।
अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि चुनावी प्रक्रिया में ऐसे अधिकारियों की हिस्सेदारी 10 प्रतिशत भी नहीं है और चुनाव के समय यह संख्या शून्य हो जाएगी। सपा अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार आरक्षण को कमजोर कर रही है और कहा कि 2027 में सत्ता में आने पर समाजवादी पार्टी सामाजिक न्याय और आरक्षण से जुड़े मुद्दों को प्राथमिकता देगी। (UP Election 2027)
अनुशासन पर कड़ा रुख: एटा और कासगंज की इकाइयां भंग
चुनावी तैयारियों के बीच अखिलेश यादव ने यह भी साफ कर दिया है कि पार्टी के भीतर किसी भी तरह की गुटबाजी या अनुशासनहीनता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। हाल ही में एटा और कासगंज जिलों के स्थानीय नेताओं के बीच गहराए आपसी विवाद और गुटबाजी को देखते हुए शीर्ष नेतृत्व ने सख्त कदम उठाया है।अखिलेश यादव के निर्देश पर इन दोनों जिलों की पूरी पार्टी इकाइयों तत्काल प्रभाव से भंग कर दिया गया है। पार्टी का मानना है कि चुनाव से पहले सांगठनिक एकजुटता सबसे जरूरी है, और इस कार्रवाई से राज्यभर के कार्यकर्ताओं को अनुशासन में रहने का कड़ा संदेश मिला है।
सपा प्रमुख अखिलेश यादव का ‘मिशन 2027′ यह साफ करता है कि पार्टी केवल हवा-हवाई दावों के भरोसे नहीं, बल्कि माइक्रो-लेवल प्लानिंग और बूथ मैनेजमेंट के साथ मैदान में उतर रही है। एक तरफ जहां ’27 हजार वोट’ का टारगेट कार्यकर्ताओं में नया जोश भर रहा है, वहीं नवरात्र में बड़े नेताओं की एंट्री और अनुशासनहीनता पर कड़े एक्शन ने सपा को पूरी तरह से चुनावी मोड में ला खड़ा किया है। अब देखना यह होगा कि नवरात्र में किन बड़े चेहरों की साइकिल पर सवारी होती है और भाजपा इस चुनावी चक्रव्यूह का क्या जवाब देती है। (UP Election 2027)









