UP Politics: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्य के युवाओं के लिए एक बहुत बड़ी घोषणा की है। मुख्यमंत्री ने आधिकारिक तौर पर ऐलान किया है कि उत्तर प्रदेश सरकार अगले 6 महीने के भीतर 1 लाख युवाओं को सरकारी नौकरी के नियुक्ति पत्र सौंपेगी। इस मेगा रोजगार अभियान की शुरुआत लखनऊ में आयोजित एक भव्य कार्यक्रम के साथ हो चुकी है।
मुख्यमंत्री के अनुसार, इस नए अभियान के पूरा होने के बाद उनकी सरकार द्वारा राज्य में दिए गए कुल सरकारी पदों का आंकड़ा लगभग 10.5 लाख तक पहुंच जाएगा। विधानसभा चुनावों (2027) की आहट के बीच, इसे योगी सरकार का मास्टरस्ट्रोक माना जा रहा है, जिसका उद्देश्य युवाओं को सशक्त बनाना और विपक्ष के बेरोजगारी के आरोपों का करारा जवाब देना है।
UP Politics: विभागवार भर्तियों का पूरा खाका
शनिवार, को लखनऊ में आयोजित एक कार्यक्रम और गोरखपुर में विकास परियोजनाओं के दौरान मुख्यमंत्री ने इस महत्वकांक्षी लक्ष्य को सार्वजनिक किया। उन्होंने प्रशासन और भर्ती बोर्डों को सख्त निर्देश दिए हैं कि चयन प्रक्रिया में तेजी लाई जाए। मुख्यमंत्री ने बताया कि यह नियुक्तियां अलग-अलग चरणों में हर सप्ताह की जाएंगी।
इस अभियान में सबसे बड़ा हिस्सा सुरक्षा बलों का होगा। सीएम योगी ने जिक्र किया कि यूपी पुलिस में करीब 36,000 और होमगार्ड में 41,000 से 42,000 पदों पर भर्ती प्रक्रिया चल रही है। इसके अलावा, उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UPSSSC) में 25,000 – 30,000, उत्तर प्रदेश शिक्षा चयन आयोग (TGT-PGT व अन्य शिक्षक) में 20,000 – 25,000 और उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPSC) में 15,000 – 16,000 पदों पर नियुक्तियां की जाएंगी। इसके अलावा राजस्व विभाग, कृषि विभाग (प्राविधिक सहायक) और मंडी परिषद जैसी संस्थाओं में भी तेजी से नियुक्तियां बांटी जा रही हैं। (UP Politics)
‘मिशन रोजगार’: हर हफ्ते मिलेंगे जॉइनिंग लेटर
मुख्यमंत्री ने इस अभियान को समय रहते पूरा करने के निर्देश दिए हैं। भर्ती बोर्डों और आयोगों के साथ हुई उच्च स्तरीय बैठक में सीएम योगी ने साफ किया है कि युवाओं को नियुक्ति पत्र देने के लिए अलग-अलग चरणों में हर हफ्ते कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। जो अभ्यर्थी अपनी नियुक्तियों या सूचनाओं को लेकर भ्रमित हैं, उनकी शिकायतों को आयोग तुरंत सुने और निस्तारण करे। सीएम ने साफ किया कि नौकरियों की चयन प्रक्रिया में किसी भी प्रकार का राजनीतिक हस्तक्षेप या भेदभाव बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
विपक्ष पर तीखा हमला- “चाचा-भतीजे” की वसूली गैंग पर प्रहार
गोरखपुर और लखनऊ के कार्यक्रमों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 2017 से पहले की समाजवादी पार्टी (SP) और पिछली सरकारों पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने पुरानी व्यवस्था पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए कहा, “साल 2017 से पहले उत्तर प्रदेश में जब भी कोई सरकारी नौकरी का विज्ञापन निकलता था, तो ‘चाचा-भतीजे की जोड़ी’ और पूरा ‘महाभारत कालीन कुनबा’ वसूली के लिए पूरे प्रदेश में निकल पड़ता था। युवाओं को दर-दर भटकना पड़ता था, परीक्षाएं समय पर नहीं होती थीं और अंत में कोर्ट को दखल देकर स्टे लगाना पड़ता था।” (UP Politics)
सीएम ने वर्तमान व्यवस्था की तारीफ करते हुए कहा कि आज यूपी के युवाओं को बिना किसी की सिफारिश या बिना किसी लेन-देन के अपनी योग्यता के दम पर सरकारी नौकरी मिल रही है।
अर्थव्यवस्था और यूपी का भविष्य
सीएम योगी ने भरोसा जताया कि जब राज्य के ये 1 लाख नए ऊर्जावान युवा सरकारी व्यवस्था का हिस्सा बनेंगे, तो वे उत्तर प्रदेश को देश की नंबर वन अर्थव्यवस्था बनाने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। पारदर्शी चयन प्रक्रिया के कारण अब मेधावी छात्र सीधे शासन-प्रशासन से जुड़ रहे हैं, जिससे प्रदेश के विकास को एक नई गति मिलेगी। (UP Politics)
2027 चुनाव पर नजर?
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि अगले 6 महीनों में 1 लाख नौकरियों का यह वादा आगामी 2027 विधानसभा चुनावों के लिए जमीन तैयार करने की एक कोशिश है। विपक्ष लगातार बेरोजगारी और पेपर लीक जैसे मुद्दों पर सरकार को घेरता रहा है। ऐसे में, सीएम योगी का यह ‘मिशन मोड’ अभियान न केवल युवाओं में उम्मीद जगाने वाला है, बल्कि विरोधियों के लिए एक बड़ी राजनीतिक चुनौती भी पेश करता है।









