UP Politics: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विपक्ष पर एक बार फिर तीखा हमला बोला है। मेरठ में आयोजित ‘शक्ति केंद्र संयोजक सम्मेलन’ को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि एक लंबे समय तक देश और प्रदेश की राजनीति वंशवाद और जातिवाद जैसी गंभीर बीमारियों से ग्रस्त थी। उन्होंने कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों पर सीधा निशाना साधते हुए कहा कि इन दलों ने राजनीति को जनसेवा का माध्यम बनाने के बजाय केवल अपने परिवार के हितों और व्यक्तिगत लाभ का जरिया बना दिया था।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में स्पष्ट किया कि विपक्षी दलों के लिए सत्ता का मतलब लोक-कल्याण नहीं, बल्कि अपने वंशवादी शासन को आगे बढ़ाना और निहित स्वार्थों को पूरा करना था। उन्होंने कहा कि पहले की सरकारों में नीतियां एक परिवार को ध्यान में रखकर बनाई जाती थीं, जिससे आम जनता बुनियादी सुविधाओं के लिए तरसती रही। देशहित को किनारे रखकर केवल सत्ता सुख भोगना ही विपक्ष का एकमात्र लक्ष्य था।
UP Politics: सीएम योगी ने ‘मंथरा-बुद्धि’ पर साधा निशाना
सीएम योगी ने ‘मुझे क्या’ मानसिकता पर कटाक्ष करते हुए इसे ‘मंथरा-बुद्धि’ करार दिया। उन्होंने कहा, ‘मुझे क्या, कहने वालों में मंथरा-बुद्धि होती है- यानी मुझे क्या मिलेगा, चाहे कोई कुछ भी करे, मुझे इससे क्या लेना-देना? यह सोच न केवल व्यक्ति को बल्कि पूरे समाज को नुकसान पहुंचाती है। यह पहचान का संकट पैदा करती है, समाज को अपनी जिम्मेदारियों से भागने पर मजबूर करती है और विकास में बाधा डालती है।’
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि इस मानसिकता ने देश को कमजोर किया और पहचान का संकट पैदा किया, लेकिन 2014 के बाद जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पदभार संभाला तो यह बदलाव साफ तौर से दिखाई देने लगा।उन्होंने कहा, ‘हमने एक नया भारत देखा – एक ऐसा भारत जो अपनी विरासत पर गर्व करता है और विकास की गति स्वयं निर्धारित करता है। एक ऐसा भारत जिसे अब पहचान का संकट नहीं है, जो सीना तानकर दुनिया का सामना करता है। और जब कोई भारत को चुनौती देने का साहस करता है, तो भारत अपनी सुरक्षा और संप्रभुता की रक्षा करना भी जानता है।’ (UP Politics)
जातिवाद की राजनीति देश की नींव के लिए खतरा
जाति आधारित राजनीति की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि महापुरुष और राष्ट्रीय नायक कभी किसी एक जाति के नहीं होते, वे पूरे समाज और राष्ट्र के होते हैं। महाराणा प्रताप, छत्रपति शिवाजी महाराज और गुरु गोविंद सिंह जी महाराज जैसे राष्ट्रनायकों को जातियों के संकुचित दायरे में नहीं बांधा जा सकता। मुख्यमंत्री ने आगाह किया कि समाज को जाति, क्षेत्र और भाषा के नाम पर बांटने का दुष्चक्र रचने वाले लोग वास्तव में देश की नींव को कमजोर कर रहे हैं। इस तरह की विभाजनकारी राजनीति समाज को अंदर से खोखला कर देती है और देश को फिर से गुलामी के रास्ते पर धकेलने का काम करती है।
तुष्टीकरण बनाम राष्ट्र प्रथम की नीति
उत्तर प्रदेश में कानून-व्यवस्था और औद्योगिक प्रगति का जिक्र करते हुए सीएम योगी ने कहा कि आज राज्य पूरी तरह दंगा-मुक्त और कर्फ्यू-मुक्त हो चुका है, जिससे बेटियों और व्यापारियों की सुरक्षा सुनिश्चित हुई है। उन्होंने विपक्ष पर तुष्टीकरण और माफिया को संरक्षण देने का आरोप लगाते हुए कहा कि जो लोग विकास के विरोधी हैं, वे ही समाज में जातिगत विद्वेष फैलाना चाहते हैं। आज भारत में बनने वाले कुल मोबाइल फोन का 55 प्रतिशत और इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट्स का 60 प्रतिशत अकेले उत्तर प्रदेश में तैयार हो रहा है, जो राज्य के बदलते स्वरूप की गवाही देता है। (UP Politics)
कार्यकर्ताओं को दिया ‘कृष्ण के सारथी’ जैसा मंत्र
आगामी 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के मद्देनजर मुख्यमंत्री ने भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं में नया जोश फूंका। उन्होंने ‘शक्ति केंद्र संयोजकों’ को संगठन की वास्तविक ताकत बताते हुए कहा कि चुनाव जीतने में उनकी भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से महाभारत में भगवान कृष्ण के सारथी रूप की तरह ‘सारथी’ बनकर काम करने का आह्वान किया। सीएम योगी ने कहा कि इतिहास कभी शकुनि और मंथरा का सम्मान नहीं करता, बल्कि युगों-युगों तक कृष्ण जैसे नि:स्वार्थ सारथी की पूजा होती है। उन्होंने सभी कार्यकर्ताओं को ‘नेशन फर्स्ट’ (राष्ट्र प्रथम) की भावना के साथ जनता के बीच जाने का मंत्र दिया।









