US-Israel-Iran War: अभी दुनिया ने ट्रंप और पुतिन की बातचीत के बाद शांति की उम्मीद में चैन की सांस ली ही थी कि ईरान के एक कड़े बयान ने फिर से बारूद की गंध फैला दी है। ईरान ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस दावे को सिरे से खारिज कर दिया है जिसमें उन्होंने युद्ध जल्द खत्म होने के संकेत दिए थे। ईरान का संदेश साफ और बेहद तीखा है कि,”युद्ध कब शुरू होगा और कब खत्म, इसका रिमोट कंट्रोल वॉशिंगटन के पास नहीं है।”
ईरान के विदेश मंत्रालय और सैन्य नेतृत्व ने एक साझा सुर में ट्रंप को करारा जवाब देते हुए कहा है कि ईरान किसी भी बाहरी दबाव या ‘टाइमलाइन’ के आगे नहीं झुकेगा। उनका साफ कहना है कि, यह फैसला अमेरिका के ओवल ऑफिस में नहीं, बल्कि तेहरान के युद्ध मैदान में होगा कि शांति कब होगी।
US-Israel-Iran War: ट्रंप की ‘डील-मेकिंग’ छवि को चुनौती
ईरान ने स्पष्ट किया है कि जब तक उसकी शर्तों और इजरायल के खिलाफ उसकी मांगों को पूरा नहीं किया जाता, तब तक ‘सीजफायर’ (युद्ध विराम) सिर्फ एक शब्द बनकर रह जाएगा। फिलहाल, ईरान ने यह जता दिया है कि वह ट्रंप और पुतिन की ‘जुगलबंदी’ को अपनी संप्रभुता के खिलाफ एक साजिश के रूप में देख रहा है। (US-Israel-Iran War)
तो वहीं विशेषज्ञों का मानना है कि ट्रंप की ‘डील-मेकिंग’ छवि को ईरान ने कड़ी चुनौती दी है। जहाँ ट्रंप शांति के मसीहा बनकर उभरना चाहते थे, वहीं ईरान ने उनके “ईगो” पर चोट करते हुए युद्ध को अपनी शर्तों पर खींचने का मन बना लिया है। ट्रंप को लगता है कि वो एक फोन कॉल से इतिहास बदल देंगे, लेकिन तेहरान का भूगोल और इरादे उनके दबाव से कहीं ऊंचे हैं।
अब पूरी दुनिया की नजरें व्हाइट हाउस पर हैं। क्या ट्रंप ईरान की इस चुनौती के बाद और सख्त प्रतिबंध लगाएंगे, या पुतिन के जरिए कोई नया ‘बैकचैनल’ रास्ता खोजेंगे? शांति की मेज सजी तो थी, लेकिन ईरान ने उस पर बिछी बिसात ही पलट दी है। (US-Israel-Iran War)









