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Uttarakhand Disaster: उत्तराखंड के मुख्यमंत्री धामी ने रुद्रप्रयाग का हवाई सर्वेक्षण किया, मानसून तबाही के बाद समीक्षा बैठक की

Uttarakhand Disaster

Uttarakhand Disaster: उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को रुद्रप्रयाग जिले के आपदा प्रभावित क्षेत्र का हवाई सर्वेक्षण किया, जिसमें तालजमन, डूंगर, बडेथ, जोला, कामद, उछोला, छीनागढ़, पतुया और अन्य गांवों को शामिल हैं।

इसके बाद, उन्होंने रुद्रप्रयाग के जिला पंचायत सभागार में चल रहे बचाव एवं राहत कार्यों, बिजली, पेयजल, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सुविधाओं की उपलब्धता, मोटर मार्गों की वर्तमान स्थिति और केदारनाथ धाम यात्रा की व्यवस्थाओं की समीक्षा के लिए एक बैठक की अध्यक्षता की।

CM ने प्रभावित लोगों के प्रति संवेदना व्यक्त की

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस मानसून के दौरान पूरे राज्य को प्राकृतिक आपदाओं के कारण कठिन परिस्थितियों और चुनौतियों का सामना करना पड़ा है। उन्होंने प्रभावित लोगों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की और आपदा के दौरान त्वरित प्रतिक्रिया के लिए जिला प्रशासन की सराहना की। उन्होंने कहा कि स्थानीय प्रशासन और जनप्रतिनिधियों द्वारा प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचकर राहत और बचाव कार्य करने में की गई त्वरित कार्रवाई से लोगों में विश्वास पैदा हुआ है।

इस कठिन समय में राज्य को पूर्ण सहयोग देने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का आभार व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री उत्तराखंड के विभिन्न क्षेत्रों में आपदा की स्थिति की नियमित निगरानी कर रहे हैं। देहरादून पहुँचकर प्रधानमंत्री ने प्रभावित लोगों से मुलाकात की और 1,200 करोड़ रुपये के तत्काल राहत पैकेज की घोषणा की।

नदी-नालों से अतिक्रमण हटाने के दिए निर्देश (Uttarakhand Disaster)

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को 30 सितंबर तक अलर्ट रहने और किसी भी आपदा से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार रहने के निर्देश दिए। उन्होंने नदी-नालों से अतिक्रमण हटाने के भी विशेष निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने इस बात पर प्रकाश डाला कि मानसून के बाद श्री केदारनाथ धाम आने वाले तीर्थयात्रियों की संख्या में वृद्धि होने की संभावना है। ऐसे में यात्रा व्यवस्थाओं को सुव्यवस्थित रखना आवश्यक है। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि तीर्थयात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और तीर्थयात्रा को सुचारू एवं निर्बाध बनाने के लिए युद्धस्तर पर प्रयास किए जाने चाहिए।

आपदा के दौरान जिला प्रशासन की त्वरित प्रतिक्रिया

जिलाधिकारी रूद्रप्रयाग प्रतीक जैन ने मुख्यमंत्री को मानसून के दौरान जिले की स्थिति और 28 अगस्त को आई आपदा से अवगत कराया। उन्होंने प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने, राहत शिविरों में आश्रय व्यवस्था, खाद्य सामग्री किट, जलपान किट, सोलर लाइट, कम्बल, टेंट, तिरपाल, टार्च वितरण और चिकित्सा सुविधाओं एवं शिविरों की व्यवस्था के बारे में जानकारी दी।

उन्होंने राहत एवं बचाव के लिए मानव संसाधन की तैनाती, गर्भवती महिलाओं को अस्पताल पहुंचाने के लिए हेलीकॉप्टर सेवाओं के उपयोग, राशन वितरण, पशुधन और निजी संपत्ति को नुकसान, गौशालाओं और भवनों के विनाश के साथ-साथ सड़कों, पेयजल योजनाओं, बिजली के खंभों और ट्रांसफार्मरों, कृषि भूमि और अन्य परिसंपत्तियों को हुए नुकसान के बारे में भी जानकारी दी।

ज़िला मजिस्ट्रेट ने जवाड़ी बाईपास, सिरोबगड़, मुनकटिया और गौरीकुंड राजमार्ग सहित ज़िला सड़कों पर महत्वपूर्ण बिंदुओं पर हुए नुकसान और मरम्मत कार्यों के साथ-साथ केदारनाथ पैदल मार्ग को हुए नुकसान का विवरण भी प्रस्तुत किया। उन्होंने केदारनाथ यात्रा के दूसरे चरण में आने वाले तीर्थयात्रियों की अनुमानित संख्या , हेलीकॉप्टर सेवाओं और संबंधित व्यवस्थाओं पर भी जानकारी दी। (Uttarakhand Disaster)

मुख्यमंत्री ने विधायकों का आभार व्यक्त किया

रुद्रप्रयाग और केदारनाथ के विधायकों ने आपदा के दौरान त्वरित कार्रवाई के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। उन्होंने उन्हें अपने-अपने निर्वाचन क्षेत्रों में हुए नुकसान, सड़क निर्माण से संबंधित मुद्दों और अन्य स्थानीय समस्याओं से भी अवगत कराया।


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