Delhi: दिल्ली के बाहरी उत्तरी जिले के स्वरूप नगर इलाके में 16 वर्षीय नाबालिग लड़की के साथ सामूहिक दुष्कर्म और बेरहमी से चाकू घोंपकर हत्या करने का एक खौफनाक मामला सामने आया है। इस जघन्य अपराध ने एक बार फिर राष्ट्रीय राजधानी में महिलाओं और लड़कियों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना की गंभीरता और संवेदनशीलता को देखते हुए राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) ने मामले का स्वतः संज्ञान लिया है।
Delhi: राष्ट्रीय महिला आयोग का कड़ा एक्शन
राष्ट्रीय महिला आयोग ने मीडिया रिपोर्ट्स के आधार पर घटना का संज्ञान लेते हुए दिल्ली पुलिस कमिश्नर को पत्र लिखा है। आयोग की अध्यक्ष विजया रहाटकर ने मामले में तत्काल हस्तक्षेप करते हुए पुलिस से कार्रवाई की मांग की है। महिला आयोग ने मांग की है कि पूरे मामले की जांच एक तय समय सीमा के भीतर पूरी की जाए ताकि पीड़िता के परिवार को जल्द से जल्द न्याय मिल सके। घटनास्थल और पीड़िता के शव से जुड़े सभी फोरेंसिक सबूतों को पूरी तरह सुरक्षित रखा जाए, जिससे कोर्ट में आरोपियों के खिलाफ मामला मजबूत हो सके।
राष्ट्रीय महिला आयोग ने दिल्ली पुलिस से इस मामले में की गई कार्रवाई की विस्तृत रिपोर्ट 7 दिनों के भीतर सौंपने को कहा है। मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) और पॉक्सो (POCSO) एक्ट के तहत सख्त से सख्त धाराएं लगाने का निर्देश दिया गया है। आयोग ने पीड़ित परिवार के लिए पर्याप्त सुरक्षा, कानूनी सहायता, काउंसलिंग और उचित मुआवजे की भी मांग की है। (Delhi)
क्या है पूरा मामला?
यह दर्दनाक घटना दिल्ली के स्वरूप नगर इलाके की है, जहां 16 साल की एक नाबालिग लड़की अपने दोस्त से मिलने के लिए घर से निकली थी। पुलिस जांच के मुताबिक, आरोपियों में से एक युवक मृतका का कथित प्रेमी था। उसने अपने दोस्तों के साथ मिलकर पहले शराब पी और फिर टेंपो में नाबालिग के साथ सामूहिक दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया।
दुष्कर्म के बाद आरोपियों को डर था कि लड़की पुलिस में शिकायत कर देगी। इसी डर के कारण उन्होंने लड़की पर चाकू से करीब 8 बार बेरहमी से वार किया और उसकी हत्या कर दी। वारदात के बाद आरोपी शव को एक सुनसान खुले मैदान में फेंककर फरार हो गए थे। (Delhi)
CCTV फुटेज से सुलझी हत्या की गुत्थी
अपराध का कोई चश्मदीद गवाह न होने के कारण दिल्ली पुलिस के सामने आरोपियों को पकड़ना एक बड़ी चुनौती थी। एडिशनल DCP लोकेश्वरन आर. की देखरेख में गठित विशेष टीम ने इलाके के 50 से अधिक CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली। फुटेज के विश्लेषण के दौरान पुलिस को एक संदिग्ध टेंपो की आवाजाही दिखाई दी। रात के अंधेरे के कारण गाड़ी का नंबर साफ नहीं था, लेकिन पुलिस ने रूट ट्रैक करते हुए आखिरकार उस टेंपो को खड्डा कॉलोनी से ढूंढ निकाला। टेंपो चालक को हिरासत में लेकर जब पूछताछ की गई, तो पूरी वारदात का पर्दाफाश हो गया।
तीन नाबालिगों समेत चार आरोपी गिरफ्तार
पुलिस ने इस मामले में तत्परता दिखाते हुए चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। चौंकाने वाली बात यह है कि गिरफ्तार किए गए आरोपियों में से एक आरोपी की उम्र 19 साल है (जो बालिग है)। बाकी तीन आरोपी नाबालिग हैं। पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल किए गए दो चाकू और वारदात के समय आरोपियों द्वारा पहने गए कपड़े भी बरामद कर लिए हैं। आरोपियों के खिलाफ हत्या (धारा 103(1)), सबूत मिटाने (धारा 238(A)), रेप (धारा 65(1)) और पॉक्सो एक्ट की धारा 6 के तहत FIR दर्ज की गई है। (Delhi)
इसके अलावा, राष्ट्रीय महिला आयोग ने पुलिस को यह भी सुझाव दिया है कि कानूनन संभव होने पर 16 से 18 वर्ष के नाबालिग आरोपियों का मूल्यांकन जुवेनाइल जस्टिस एक्ट की धारा 15 के तहत एक वयस्क (Adult) की तरह मुकदमा चलाने के लिए किया जाए। महिला आयोग द्वारा मामले में किए गए इस हस्तक्षेप के बाद प्रशासन और पुलिस पर निष्पक्ष एवं त्वरित जांच का दबाव बढ़ गया है, जिससे इस जघन्य अपराध के दोषियों को जल्द से जल्द सलाखों के पीछे भेजा जा सके।









