UP MLC Election 2026: उत्तर प्रदेश में आगामी विधान परिषद (MLC) चुनाव से ठीक पहले भारतीय जनता पार्टी (BJP) को बड़ा झटका लगा है और पूर्वांचल में सियासी समीकरण तेजी से बदलते दिख रहे हैं। गोरखपुर-फैजाबाद खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से टिकट न मिलने से नाराज भाजपा के कद्दावर ब्राह्मण नेता डॉ. संजयन त्रिपाठी ने पार्टी से बगावत कर दी है।
राजनीतिक गलियारों में चल रही ताजा चर्चाओं और सूत्रों के मुताबिक, उन्होंने समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव से मुलाकात की है और उनके जल्द ही समाजवादी पार्टी में शामिल होने साथ ही सपा के टिकट पर चुनाव लड़ने की प्रबल अटकलें तेज हो गई हैं।
UP MLC Election 2026: टिकट कटने पर छलका दर्द, गाड़ी से फेंका भाजपा का झंडा
गोरखपुर-फैजाबाद सीट से दावेदारी कर रहे डॉ. संजयन त्रिपाठी को पूरी उम्मीद थी कि इस बार पार्टी उन पर भरोसा जताएगी। हालांकि, भाजपा ने इस सीट से निवर्तमान MLC ध्रुव कुमार त्रिपाठी को अपना आधिकारिक प्रत्याशी घोषित कर दिया। टिकट कटने की खबर आते ही डॉ. संजयन त्रिपाठी का गुस्सा और दर्द दोनों कैमरे के सामने फूट पड़े। नामांकन दाखिल करने के बाद उन्होंने कार्यकर्ताओं के सामने अपनी ही गाड़ी से भाजपा का झंडा निकालकर हटा दिया।
मीडिया और समर्थकों को संबोधित करते हुए अपनी सालों की मेहनत को याद कर वे भावुक होकर रो पड़े।उन्होंने बगावत का बिगुल फूंकते हुए निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में अपना पर्चा दाखिल कर दिया था, लेकिन अब इस लड़ाई को सपा का साथ मिलने की संभावना बढ़ गई है। (UP MLC Election 2026)
पार्टी पर लगाए गंभीर आरोप, बाहरी नेताओं को तरजीह देने की बात कही
डॉ. संजयन त्रिपाठी ने भाजपा नेतृत्व की कार्यप्रणाली पर तीखे सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि पार्टी जमीनी स्तर पर दिन-रात काम करने वाले निष्ठावान कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों की लगातार अनदेखी कर रही है। उन्होंने कहा, “कोई भी कार्यकर्ता वर्षों तक संगठन को सींचता है ताकि उसे अवसर मिले, लेकिन पार्टी बाहर से आए लोगों को इंपोर्ट कर रही है।” उन्होंने चेतावनी भी दी कि अगर यही रवैया रहा, तो आने वाले दिनों में भाजपा के कई अन्य नेता भी बगावत का रास्ता चुन सकते हैं।
डॉ. संजयन त्रिपाठी के इस कदम ने गोरखपुर-फैजाबाद खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के मुकाबले को बेहद त्रिकोणीय और दिलचस्प बना दिया है। वह निजी स्कूलों के शिक्षकों और बड़े शिक्षक कार्यबल को अपना मुख्य आधार बनाकर चल रहे हैं। (UP MLC Election 2026)
सपा में शामिल होने के राजनीतिक मायने
अगर डॉ. संजयन त्रिपाठी औपचारिक रूप से साइकिल पर सवार होते हैं, तो इसके दूरगामी राजनीतिक परिणाम देखने को मिल सकते हैं। पूर्वांचल की राजनीति में ब्राह्मण मतदाताओं की भूमिका हमेशा से निर्णायक रही है। संजयन त्रिपाठी का भाजपा छोड़ना और सपा के पाले में जाना भाजपा के डैमेज कंट्रोल की कोशिशों को बड़ा झटका दे सकता है।
इन विधान परिषद चुनावों को 2027 में होने वाले उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव का सेमीफाइनल माना जा रहा है। ऐसे में किसी सीनियर नेता का ऐन वक्त पर पाला बदलना मनोवैज्ञानिक रूप से समाजवादी पार्टी को बढ़त दे सकता है। संजयन त्रिपाठी का दावा है कि बड़ी संख्या में शिक्षक और समर्थक उनके इस संघर्ष में उनके साथ खड़े हैं। (UP MLC Election 2026)
अखिलेश यादव से मुलाकात की इन खबरों ने उत्तर प्रदेश की सियासत में हलचल पैदा कर दी है। अब सभी की नजरें आगामी 6 अक्टूबर नामांकन की आखिरी तारीख से पहले होने वाले आधिकारिक ऐलानों पर टिकी हैं।









