दिल्ली-NCR में प्रदूषण में सुधार.. GRAP- 4 हटा, इन पाबंदियों से मिलेगी राहत

ठंड शुरू होते ही देश की राजधानी दिल्ली प्रदूषित होना शुरू हो जाती हैं। जिसकी वजह से आम जनमानस को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता हैं। प्रदूषण से दिल्ली के लोगों के लिए एक बहुत बड़ी समस्या बनती जा रही है। दिल्ली के इस प्रदूषण से आम लोग ही नहीं खास लोग भी त्रस्त है। प्रदूषण की वजह से लोगों के गले में संक्रमण, खांसी, आंखों में जलन समेत अन्य स्वास्थ्य संबंधित बीमारियां है। अब प्रदूषण को लेकर ये बताया जा रहा है कि दिल्ली में प्रदुषण से कुच राहत मिली है। जिसकी वजह से GRAP-4 को हटा दिया गया है।

क्यों बिगड़ती जा रही दिल्ली की हवा?
विशेषज्ञों के अनुसार, लगातार बनी हुई गंभीर वायु गुणवत्ता का मुख्य कारण मौसम का मिजाज है। स्काईमेट के उपाध्यक्ष महेश पलावत के अनुसार, तापमान में कमी के कारण प्रदूषण के स्तर में भारी वृद्धि हुई है और पश्चिमी विक्षोभ के चलते मंगलवार को भी वायु गुणवत्ता जो नीचे फंसी हुई ठंडी हवा को ऊपर उठने नहीं देती है। इसी ठंडी हवा में गाड़ियों का धुआं और निर्माण की धूल जैसे प्रदूषक जमा हो जाते हैं। प्रदूषकों को ऊपर जाने का रास्ता नहीं मिलता, इसलिए वे जमीन के बहुत करीब फंसे रहते हैं। बारिश जब नहीं होती और हवा भी धीरे चलती है तो फंसा हुआ प्रदूषण बाहर नहीं निकल पाता, जिससे स्थिति कई गुना खराब हो जाती है।

क्या है पूरा मामला?

दिल्ली-एनसीआर में वायु गुणवत्ता में सुधार को देखते हुए CAQM ने तत्काल प्रभाव से GRAP-4 की पाबंदियां हटा दी हैं। 24 दिसंबर को AQI 271 दर्ज किया गया है। हालांकि, खतरा अभी पूरी तरह टला नहीं है, इसलिए GRAP के स्टेज-1, 2 और 3 के नियम सख्ती से लागू रहेंगे। ग्रेप-4 हटने के बाद भी ‘नो पीयूसीसी, नो फ्यूल’ का आदेश जारी रहेगा।

GRAP-4 में क्या थी पाबंदियां

GRAP-4 के दौरान दिल्ली-एनसीआर में निर्माण और ध्वस्तीकरण कार्यों पर पूरी तरह रोक लगा रखी है। खुले में कचरा और बायोमास जलाने पर प्रतिबंध, दूसरे राज्यों में पंजीकृत गैर-BS-VI वाहनों की एंट्री पर रोक और सरकारी व निजी दफ्तरों में 50 प्रतिशत कर्मचारियों के लिए वर्क फ्रॉम होम अनिवार्य किया गया था। इसके अलावा निर्माण सामग्री ले जाने वाले वाहनों को भी क्षेत्र में प्रवेश की अनुमति नहीं दी गई थी।

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