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ममता का ‘इमोशनल मास्टरस्ट्रोक’! CJI के सामने लोकतंत्र की दुहाई, क्या I-PAC रेड के डर ने बदला दीदी की राजनीति?

Mamata Banerjee

Mamata Banerjee: पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी अपनी बेबाकी के लिए जानी जाती हैं, लेकिन आज जलपाईगुड़ी की धरती पर उनका एक अलग ही रूप देखने को मिला। I-PAC के ठिकानों पर हालिया छापेमारी (Red) से उपजे तनाव के बीच, ममता बनर्जी ने CJI सूर्यकांत की उपस्थिति में ‘संविधान और लोकतंत्र’ को बचाने की जो गुहार लगाई है, उसे सियासी हलकों में ‘सिंपैथी कार्ड’ और ‘कानूनी सुरक्षा कवच’ तैयार करने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।

Mamata Banerjee की भावुक अपील

सर्किट बेंच के उद्घाटन के प्रशासनिक कार्यक्रम को ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) ने पल भर में एक भावुक राजनीतिक मंच में तब्दील कर दिया। नम आंखों और भारी आवाज में उन्होंने सीधे न्यायपालिका से हस्तक्षेप की मांग की। उन्होंने CJI की ओर देखते हुए कहा, “जब हर दरवाजा बंद हो जाए, तो जनता न्यायपालिका की ओर देखती है। कृपया संविधान को बचा लीजिए। उन्होंने केंद्रीय एजेंसियों (ED/I-PAC रेड) का इस्तेमाल राजनीतिक प्रतिशोध के लिए किए जाने के आरोप लगाते हुए, अदालती फैसले से पहले मीडिया ट्रायल के जरिए छवि को धूमिल किए जाने पर अपनी चिंता सजी के सामने प्रकट की।

CJI के सामने ममता की मांग

राजनीतिज्ञयों कि माने तो, ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) की यह अपील महज भावुकता नहीं, बल्कि एक सोची-समझी ‘चाणक्य नीति’ है। CJI के सामने यह मुद्दा उठाकर उन्होंने संदेश दिया कि राज्य सरकार अब सीधे न्यायपालिका की शरण में है, जिससे केंद्रीय एजेंसियों के हाथ बांधने की कोशिश की जा सके। उन्होंने खुद को एक ‘बेबस मुख्यमंत्री’ के रूप में पेश कर बंगाल की जनता की सहानुभूति बटोरी है, ताकि आगामी चुनावों में इसे ‘बंगाल के अपमान’ से जोड़ा जा सके। यह दीदी का वह दांव है जहाँ उन्होंने सीधे ‘अंपायर’ (CJI) से ही अपील कर दी है कि खेल के नियम (जांच की सीमा) दोबारा तय किए जाएं।

राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि क्या ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) का यह इमोशनल कार्ड उन्हें कानूनी मुश्किलों से बचा पाएगा? विपक्षी दल इसे ‘जांच से बचने का नाटक’ बता रहे हैं, तो वहीं टीएमसी समर्थकों के लिए यह ‘तानाशाही के खिलाफ दीदी की जंग’ है। लेकिन एक बात साफ है—ममता ने अपनी इस अपील से न्यायपालिका को सीधे तौर पर इस राजनीतिक लड़ाई का ‘साक्षी’ बना दिया है।

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